लखनऊ 15 जनवरी (आरएनएस )। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 15 जनवरी से शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्थायी कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय कर्मयोगी–लार्ज स्केल जन सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 15 जनवरी से 29 जनवरी तक विभिन्न चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 30 प्रतिभागियों के बैच में एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र संपन्न कराए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा द्वारा किया गया।उद्घाटन अवसर पर कार्यवाहक कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन के माध्यम से कर्मचारियों में सेवा भाव, जवाबदेही और कार्यकुशलता को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो विश्वविद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि कर्मयोगी बनने का अर्थ है अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ करना।प्रशिक्षण सत्र का संचालन बायोटेक्नोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डी. आर. मोदी, विधि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुदर्शन वर्मा तथा कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में समन्वयक के रूप में डॉ. आर. के. साहू एवं डॉ. बालन जी. की भी सक्रिय भूमिका रही।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन के अंतर्गत भारत सरकार के क्षमता निर्माण आयोग द्वारा प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों में सेवा भावना, उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और कार्य दक्षता का विकास करना है। कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों को जनसेवा के आधुनिक दृष्टिकोण और प्रशासनिक दक्षताओं से अवगत कराया जा रहा है।विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार 30 जनवरी 2026 से पूर्व इस प्रकार के कुल 10 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से विश्वविद्यालय के सभी नियमित शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों को राष्ट्रीय कर्मयोगी प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। पहले बैच के प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर सहित गैर-शिक्षण वर्ग के ग्रुप ए, बी एवं सी के कुल 30 कर्मचारी प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित रहे।कार्यक्रम के समापन पर यह विश्वास व्यक्त किया गया कि राष्ट्रीय कर्मयोगी प्रशिक्षण विश्वविद्यालय के कार्यसंस्कृति को और अधिक सेवा-केंद्रित, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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