जगदीश यादव
सागरद्वी 15 जनवरी (आरएनएस)। मकर संक्रांति के पुण्यकाल में गंगा व सागर के संगम में अब तक 1.30 करोड़ से अधिक तीर्थयात्रियों ने मोक्ष की डूबकी लगाई। आज राज्य के मंत्री अरूप विश्वास ने उक्त दावा किया और कहा कि मेले में जिस तरह से तीर्थयात्रियों को सुगम व्यवस्था मिली वह अपने आप में एक संकल्प है। मंत्री अरूप बिस्वास ने एक बार फिर ममता सरकार की व्यवस्था को उत्तम के साथ ही चाक चौबंद करार दिया। संगम में वैसे पुण्यार्थियों ने 14 जनवरी दोपहर से लेकर 15 जनवरी दोपहर तक कथित तौर पर पुण्यकल किया। लेकिन खबर के लिखे जाने तक पुण्य स्नान जारी था। वहीं पुण्य स्नान के उपरांत भारी संख्या में पुण्यार्थी अपने-अपने घरों की ओर कूच कर रहें थे। मेले का आधिकारिक रूप से समापन 17 जनवरी को होगा लेकिन भारी संख्या में पुण्यार्थियों का जत्था अपने अपने गंतव्य स्थान की रवाना हो रहें थे। मकर संक्रान्ति के पुण्य स्नान के उपरांत घर जाने के लिए उतावले रहें। 14 जनवरी से ही भारी संख्या में पुण्यार्थी पुण्य स्नान करते नजर आये। आज भी पुण्य स्नान के बाद पुण्यार्थियों ने लम्बी कतार में खड़े होकर श्री हरि अवतार कपिलमुनि का दर्शन करते रहें । आज भी भारी संख्या में पुण्यार्थियों का जत्था बस स्टैंड की रवाना होता रहा जिसके कारण व्यापक जाम देखा गया। व्यवस्था का अभाव कोहरे के कारण वह लोग परेशान रहें। आज भी तीर्थयात्रियों ने आरोप लगाया कि, उन लोगों को एक-एक जगह 5 से 6 घंटे तक खड़े रहना पड़ा है। हालात तो यह रहे कि कोहरे के कारण बस व वेसेल सेवा पर असर पड़ा। मकर संक्रांति का पुण्य स्नान 14 जनवरी दोपहर 1.19 बजे से कथित तौर पर शुरु हुआ जो कि 15 जनवरी दोपहर 1.19 बजे तक है। रहा। बहहाल जो भी हो, गंगा सागर में हाड़ कंपाने वाली सर्दी में पुण्य स्नान के लिए समुद्र में उतारने के लिए बुजुर्गों में भी जैसे होड़ लगी थी और लोगों ने कतारबद्ध होकर समुद्र में नहाया। अधिकारिक जानकारी के अनुसार अब तक मेले में हार्ट आटैक से कुल दो तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है। आज बिहार निवासी तीर्थयात्री मृत्युजंय कुमार सिंह (61) की मौत हुई है जबकि एक दिन पहले असम निवासी एक पुण्यार्थी मिठू मंडल (51) की मौत हो गई थी। अबतक 5 तीर्थयात्री जो गंभीर तौर पर बीमार हुए थे को एयर लिफ्ट कर इलाज के लिए कोलकाता भेजा गया। सुंदरबन पुलिस जिला के अधिकारी ने व सरकारी सूत्रों ने बताया, कि, अब तक यहां पाकेटमारी की 456 घटनाएं हुई हैं, लेकिन 438 मामलों में पुलिस खोई हुई वस्तुओं को बरामद करने में सफल रही है। इसके अलावा, अब तक विभिन्न आपराधिक मामलों 895 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, पुलिस ने अब तक मेले में लापता 6632 लोगों में 6627 हजार लोगों को ढूंढ निकाला है। उन्हें उनके परिवारों के पास भी पहुंचा दिया गया है। वैसे गंगासागर में आए तमाम तीर्थयात्री बाबूघाट (कोलकाता) पहुंच चुके थे । गंगा सागर आए तमाम लोगों ने कहा कि, इतने बड़े मेले का आयोजन हो रहा है, फिर भी इस मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा नहीं मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से गंगा सागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा देने की मांग की। बहरहाल गंगासागर में सबसे ज्यादा पुण्यार्थी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और झारखंड से आए थे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

