मारपीट, आगजनी, विरोध प्रदर्शन व हंगामा जारी
जाकिर अली
मुर्शिदाबाद/ आसनसोल/ कोलकाता/ हुगली 19 जनवरी (आरएनएस)। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर बंगाल में तमाम जगहों पर जमकर हंगामा के साथ ही राजनीतिक संघर्ष की घटना घटी है। वहीं एसआईआर को लेकर विरोध जारी है। आसनसोल जिले में एसआईआर पर जमकर बवाल हुआ। हंगामा और धक्का-मुक्की उस वक्त हुई। घटना तब घटी जब तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने फॉर्म-7 जमा करने के लिए एसडीएम ऑफिस पहुंचे लोगों से फॉर्म छीनकर उसे फाड़ डाला। उसे जला दिया। इसके विरोध में भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल समेत जिले के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता धरने पर बैठ गये। ऐसे में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गये। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस और आसनसोल-दुर्गापुर के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ठीक इसी तरह मुर्शिदाबाज जिले में भी एसआईआर को लेकर विरोध व समर्थन में तृणमूल और बीजेपी के कर्मी समर्थकों के बीच ल_म ल_ हुई। इनलोगों में जमकर मारामारी की घटना घटी। इस दौरान पुलिस की गाड़ी पर पथराव भी किया गया। बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें फॉर्म-7 जमा करने से रोक दिया, जिसके बाद विवाद हुआ। इस दौरान पुलिस के सामने बीजेपी कार्यकर्ता की गाड़ी में तोडफ़ोड़ की गई और फॉर्म में आग लगा दी गई। इधर एसआईआर सुनवाई के दौरान परेशान किए जाने को लेकर बासंती में विरोध प्रदर्शन। हाईवे पर टायर जलाकर नाकाबंदी की गई। ऐसे में ट्रैफिक ठप हो गया है। यहां लोगों का आरोप है कि उन्हें चुन-चुनकर एसआईआर नोटिस दिए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि कई डॉक्यूमेंट जमा करने के बाद भी उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है और परेशान किया जा रहा है। बात हुगली जिले की करे तो यहां तृणमूल पर एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग में घुसकर ‘फॉर्म-7Ó फाडऩे का आरोप है। हुगली के चुंचुड़ा से तृणमूल विधायक असित मजूमदार फिर से विवादों में हैं। आज दोपहर हुगली सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (हेड ऑफिस) के ऑफिस में ‘फॉर्म-7Ó जमा करने को लेकर तनाव बढ़ गया। भाजपा ने मारपीट के आरोप लगाए हैं। संदीप साधुखान नाम के भाजपा नेता पर पुलिस के सामने परेशान करने का आरोप लगा है। बंगाल में एसआईआर को लेकर अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच सोमवार (19 जनवरी 2026) को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल में ग्राम पंचायत भवनों, तालुका प्रखंड कार्यालयों और वार्ड कार्यालयों में तार्किक विसंगतियों की लिस्ट में शामिल लोगों के नाम प्रदर्शित करने का निर्देश दिया।
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