कोलकाता 20 जनवरी (आरएनएस)। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के फोर्ट विलियम के एक वरिष्ठ सेना अधिकारी पर दिए गए बयान के बाद सियासी विवाद चरम पर पहुंच गया है। सीएम ममता ने हाल ही में कहा कि अधिकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के दौरान भाजपा के समर्थन में काम कर रहे हैं और फोर्ट विलियम का कमांड बेस राजनीतिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में सीएम के उक्त आरोप के बाद विभिन्न हलकों में तमाम तरह के कयासों का दौर चल रहा है। वहीं भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंदा बोस से हस्तक्षेप की अपील की। जानकारी के अनुसार, दो सेना जनरलों ने पिछले सप्ताह राज्यपाल से मुलाकात कर ममता के आरोपों के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई। लोक भवन के अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल ने इस मामले को गंभीरता से लिया और इसे केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया। मामले पर राज्यपाल बोस ने कहा पहले मैं खुद मामले पर सत्यापन करूंगा कि क्या मुख्यमंत्री ने कोई संवैधानिक नियमों का उल्लंघन किया है। यदि ऐसा है, तो मैं निश्चित रूप से हस्तक्षेप करूंगा। वहीं, फोर्ट विलियम के वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि राज्यपाल से बैठक हुई और उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी। इस विवाद पर भाजपा बंगाल इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने ममता के बयान को बिना आधार बताते हुए कहा वे सोचती हैं कि बंगाल उनका व्यक्तिगत राज्य है। वहीं, वामपंथी नेता एमडी सलीम ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को रक्षा मंत्री से पत्र लिखकर मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए।

