0-22 फरवरी को चेन्नई में वैश्विक शांति रैली के लिए पीएम मोदी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को किया आमंत्रित
नई दिल्ली , 21 जनवरी (आरएनएस)। ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के अध्यक्ष और मानवतावादी नेता डॉ. के. ए. पॉल ने दुनिया में चल रहे 58 प्रमुख संघर्षों के संदर्भ में भारत से वैश्विक शांति निर्माण में निर्णायक नेतृत्व निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता और भारत-अमेरिका के बीच मज़बूत सहयोग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। ये बातें उन्होंने आज नई दिल्ली स्थित आंध्र भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। अमेरिकी सांसदों को संबोधित करने के अपने हालिया अनुभव का जि़क्र करते हुए डॉ. पॉल ने कहा कि अमेरिका में रिपब्लिकन, डेमोक्रेट और स्वतंत्र नेता शांति पहलों पर साथ काम करने को तैयार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह संभव है, तो भारत में बड़े वैश्विक हित में ऐसी एकता क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने दोहराया कि ऐतिहासिक रूप से गुटनिरपेक्ष रहा भारत, जिसकी कूटनीतिक पहुंच मध्य पूर्व से लेकर कोरियाई प्रायद्वीप तक है, वैश्विक शांति का नेतृत्व करने की विशिष्ट स्थिति में है। 155 से अधिक देशों की यात्राओं और 2,200 शांति रैलियों व सम्मेलनों के अपने अनुभव का हवाला देते हुए डॉ. पॉल ने कहा कि दुनिया नैतिक और कूटनीतिक नेतृत्व के लिए भारत की ओर देख रही है। उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय एकता की अपील करते हुए कहा कि आस्था और देश के प्रति प्रेम को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखना होगा। उनके अनुसार, रचनात्मक आलोचना लोकतंत्र को मज़बूत करती है, न कि उसे विभाजित करती है। अपने संबोधन के अंत में डॉ. पॉल ने नागरिकों, राजनीतिक नेतृत्व और वैश्विक भारतीय समुदाय से 22 फरवरी को “चलो चेन्नई” अभियान से जुडऩे की अपील की और इसे भारत को शांति, नैतिक नेतृत्व और समावेशी विकास का वैश्विक प्रतीक बनाने की दिशा में एक सामूहिक कदम बताया।
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