जगदीश यादव
कोलकाता 21 जनवरी (आरएनएस) हिंदू धर्म के लोग वसंत पंचमी के दिन को काफी शुभ मानते हैं। वहीं विवाह के लिए सरस्वती पूजा के दिन अर्थात वसंत पंचमी को काफी अच्छा माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी मनाई जाती है। पंडितों ने बताया कि, इस दिन शुभ मुहूर्त देखे भी विवाह किए जा सकते हैं क्योंकि इसे अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। हालांकि, साल 2026 में बसंत पंचमी के दिन विवाह कार्य संपन्न नहीं होंगे। बात करने पर मामलों के जानकार पं. विजय कुमार उपाध्याय शास्त्री ने बताया कि, 2026 में बसंत पंचमी सरस्वती पूजा के दिन शुक्र अस्त रहेंगे। तो ऐसे में इस दिन विवाह के लिए कहीं से भी ठीक नहीं है। आमतौर पर ज्योतिष में शुक्र को विवाह, प्रेम, रोमांस, सौंदर्य, सुख आदि का कारक माना जाता है। ऐसे में शुक्र अस्त के दौरान शादी करना शुभ नहीं माना जाता। पं. विजय कुमार उपाध्याय शास्त्री ने कहा- यही वजह है कि जो लोग धर्म और ज्योतिष व ग्रह-नक्षत्रों व कर्मकांड पर विश्वास रखते हैं वह लोग साल 2026 में बसंत पंचमी के दिन विवाह नहीं कर सकते। कारण उन्हें उनके पुरोहित विवाह करने की सलाह नहीं देंगे। कराण शुक्र अस्त के दौरान विवाह करने पर वैवाहिक जीवन में कठिनाइयां व परेशानियां आ सकती हैं। 23 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाई जाने वाली बसंत पंचमी इस बार पूर्व भाद्रपद नक्षत्र और परिघ योग में आएगी। इस दिन चंद्रमा कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेगा। अर्थात बसंत पंचमी पर वैवाहिक मुहूर्त नहीं है।

