जिहाद के लिए युवाओं की भर्ती करवाता था सैयाद इदरीश
जगदीश यादव
कोलकाता 22 जनवरी (आरएनएस)। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लए काम करने वाले सैयद मोहम्मद इदरीस को एनआईए अर्थात नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की स्पेशल कोर्ट ने 10 साल की कारावास की सजा सुनाई है। अधिकारिक सूज्ञों ने उक्त जानकारी दी है। बताया गया है कि, इदरीस को यह सजा पश्चिम बंगाल में मुस्लिम युवाओं की भर्ती कर उन्हें प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जोडऩे और भारत सरकार के खिलाफ जिहाद के लिए उकसाने के लिए एनआईए के विशेष कोर्ट के जज सुकुमार रॉय ने सुनाई। कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के रहने वाले सैयद एम इदरीस को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषसिद्धि करते हुए अधिकतम 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा एक साथ चलने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आरोपी पर 70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। बात करने पर एनआईए के वकील श्यामल घोष ने कहा कि इदरीस ने कोर्ट में अपना गुनाह कबूल कर लिया। सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद कोर्ट ने इदरीस को दोषी पाया। जांच में सामने आया कि इदरीश भारत में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। अप्रैल, 2020 में एनआईए ने यह मामला पश्चिम बंगाल पुलिस से अपने हाथ में लिया था और जांच के दौरान इदरीश को एक अन्य आरोपित के साथ गिरफ्तार किया था। तब इस मामले में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी एक अन्य आरोपित तानिया परवीन को मार्च, 2020 में पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तर 24 परगना जिले के बादुरिया से गिरफ्तार किया था। उसके पास से आतंकी विचारधारा को बढ़ावा देने वाली प्रचार सामग्री बरामद हुई थी। जांच के दौरान एजेंसी ने सैयद एम इदरीस को जम्मू-कश्मीर के अल्ताफ अहमद राथर के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर तानिया परवीन के साथ साजिश रची थी, जिसका मकसद स्थानीय लोगों की भर्ती कर लश्कर-ए-तैयबा का एक मॉड्यूल खड़ा करना था। मामले में तलाशी के दौरान एसटीएफ को जिहादी पाठ्यपुस्तकों सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी। सितंबर 2020 और मई 2021 में एनआईए ने इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों के साथ-साथ पाकिस्तान स्थित दो फरार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। फरार आरोपियों की पहचान आयशा उर्फ आयशा बुरहान उर्फ आयशा सिद्दीकी उर्फ सैयद आयशा और बिलाल उर्फ बिलाल दुरानी के रूप में हुई है। इन दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर और ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। एनआईए ने बताया कि इस केस में अन्य दो गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अभी जारी है।
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