-सीएम ने कहा- आज ‘दिल्ली साजिशों का शहरÓ बन गया है
जगदीश यादव
कोलकाता 23 जनवरी (आरएनएस)। एक बार फिर सीएम ममता बनर्जी ने केन्द्र सरकार पर हमलावर हुईं और उन्होंने कहा कि, आज जो हालात है उसे देखकर लग रहा है कि, अगर नेताजी आज जिन्दा होंते तो उन्हें भी एसआईआर नोटिस भेजा जाता। सीएम ममता बनर्जी ने उक्त बात आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर उनकी एक स्मृति सभा में बोलते हुए कहा। नेताजी के समावेशी भारत के विचार को याद करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह जानते थे कि यह देश सिर्फ हिंदुओं या मुसलमानों का नहीं है, बल्कि पुरुषों और महिलाओं, हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों, ईसाइयों, पंजाबी, तमिल, गुजराती और बंगालियों सभी का है। मुख्यमंत्री ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि, आठ दशक बीत जाने के बाद भी, 1945 के बाद नेताजी के लापता होने का रहस्य अनसुलझा है, और इसे राष्ट्र के लिए सामूहिक दुर्भाग्य बताया।
सिर्फ यही नहीं ममता बनर्जी ने भाजपा व केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी और बीआर अंबेडकर जैसे देश के महापुरुषों के अपमान करने का आरोप लगाया है। सीम ममता बनर्जी ने कहा कि, नेताजी ने दिल्ली चलो का नारा दिया था। लेकिन अफसोस है कि दिल्ली बंगाल के खिलाफ साजिशें कर रही है। आज ‘दिल्ली साजिशों का शहरÓ बन गया है। वहां से बंगाल के खिलाफ साजिश का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री के शब्दों में आज दिल्ली चक्रांतनगर (साजिश का नगर) बन चुका है। यहां से हमेशा बंगाल के खिलाफ साजिश हो रही है। लेकिन डंके की चोट पर हम कह रहें है, हम अपनी भाषा, संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए एकजुट होंगे।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र में सत्ता में बैठे लोगों पर देश के इतिहास को तोडऩे-मरोडऩे की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
तृणमूल प्रुमख ममता ने आज भी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा और एसआईआर के ‘दहशतÓ से हो रही मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, इतने सारे लोग मर रहे हैं। करीब 110 लोग मर चुके हैं। हर दिन तीन-चार लोग पैनिक की वजह से सुसाइड कर रहे हैं। चुनाव आयोग के खिलाफ केस क्यों नहीं किया जाएगा? केंद्र सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। मैंने पार्टी का नाम भी नहीं लिया। चूंकि कार्यक्रम पश्चिम बंगाल सरकार का था, इसलिए ममता ने मंच भाजपा शब्द का जिक्र नहीं किया। लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि उनका क्या मतलब था। ममता ने कहा, नेताजी ने प्लानिंग कमीशन बनाया था। इसे जानबूझकर खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह नीति आयोग बनाया गया है। कोई नहीं जानता कि इसका क्या काम होगा और क्या होगा। सुभाष चंद्र बोस के जन्म दिवस को राष्ट्रीय छुट्टी घोषित करने की मांग पिछले काफी समय से राज्य सरकार कर रही है लेकिन उसे स्वीकार नहीं करने पर ममता बनर्जी ने अपनी नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा, ‘आज भी नेताजी के जन्मदिन को नेशनल हॉलीडे घोषित नहीं की गयी।Ó इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘अभी तक नेताजी की मृत्यु तारीख भी नहीं कह पाऊंगी।Ó ममता बनर्जी ने कहा कि देश के इतिहास को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। दिग्गजों का अपमान किया जा रहा है। भाषा को असम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से एक होने का आह्वान करते हुए कहा, ‘दिल्ली हमेशा बंगाल के खिलाफ षड्यंत्र रचता रहता है। उसके खिलाफ एक होना पड़ेगा।Ó यही नहीं एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपलब्धि को उजागर करते हुए, मुख्यमंत्री ने नेताजी द्वारा 23 जनवरी, 1926 को जेल से लिखे गए दो दुर्लभ मूल पत्र को उजागर करते हुए कह- बसंती देवी और उनके भाई शरत चंद्र बोस को संबोधित ये पत्र नेताजी के पोते और इतिहासकार सुगाता बोस द्वारा सौंपे गए। ये दस्तावेज एक विशेष समारोह में सौंपे गए और जल्द ही अलीपुर संग्रहालय में प्रदर्शित किए जाएंगे। बनर्जी ने कहा कि हालांकि उनकी सरकार ने वर्षों पहले नेताजी से संबंधित सभी राज्य स्तरीय फाइलों को सार्वजनिक कर दिया था, लेकिन सच्चाई तभी पूरी तरह सामने आ सकती है जब केंद्र सरकार भी ऐसा ही करे और अपने शेष दस्तावेजों को जारी करे। अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री ने बंगाल के युवाओं को याद दिलाया कि नेताजी की भावना अमर है। अलीपुर जेल में उनकी कोठरी को पुनस्र्थापित करके और उनके दुर्लभ पत्रों को जनता के लिए सुलभ बनाकर, बंगाल सरकार का उद्देश्य उनकी क्रांतिकारी विरासत को आने वाली पीढिय़ों के लिए जीवित रखना है।
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