श्रीनगर 25 jan, (Rns): जम्मू-कश्मीर की हसीन वादियों और बर्फीले पहाड़ों के बीच फर्राटा भरती वंदे भारत एक्सप्रेस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। इस मनमोहक वीडियो को बानीहाल के विधायक सज्जाद शाहीन ने साझा किया है, जिसके बाद से यह इंटरनेट पर छाया हुआ है। चंद सेकंड के इस क्लिप में ट्रेन हिमालय की गोद में बिछी बर्फ की मोटी परत को चीरती हुई अपनी रफ्तार से आगे बढ़ती नजर आ रही है। पटरियों से लेकर पहाड़ों तक फैली सफेदी इस दृश्य को किसी जादुई दुनिया जैसा बना रही है।
दशकों बाद साकार हुआ सपना, देश से जुड़ी घाटी
यह वायरल वीडियो केवल कुदरती खूबसूरती का ही नहीं, बल्कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का भी एक जीता-जागता सबूत है। गौरतलब है कि साल 2023 में कश्मीर को पहली बार रेलमार्ग के जरिए सीधे तौर पर शेष भारत से जोड़ा गया था। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के पूरा होने से घाटी को वह ‘ऑल वेदर कनेक्टिविटी’ मिली है, जिसका इंतजार दशकों से किया जा रहा था। पहले सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण सड़कें अक्सर बंद हो जाती थीं और कश्मीर का संपर्क कट जाता था, लेकिन अब रेल नेटवर्क ने इस निर्भरता को काफी हद तक खत्म कर दिया है।
बादलों के ऊपर दुनिया का सबसे ऊंचा पुल
इस पूरे रेल नेटवर्क की सबसे बड़ी पहचान और शान चिनाब ब्रिज है। यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है, जो चिनाब नदी के तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। भारतीय इंजीनियरिंग के इस शानदार नमूने को भूकंप के तेज झटकों, भीषण हवाओं और शून्य से काफी नीचे के तापमान को सहन करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। यही कारण है कि अब बर्फबारी के बीच दौड़ती ट्रेनों के वीडियो अक्सर सामने आते रहते हैं, जो देश की तरक्की की कहानी बयां करते हैं।
कड़ाके की ठंड में भी नहीं थमे पहिये
इन दिनों जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी का दौर जारी है। ऐसी परिस्थितियों में जहां हाईवे और सड़कें कई-कई दिनों तक बंद रहती हैं, वहां रेलवे ने यातायात को सुचारु रखा है। आधुनिक रेलवे सिस्टम, सुरक्षित टनल डिजाइन, उन्नत तकनीक और पटरियों पर लगातार चलने वाले स्नो-क्लियरेंस ऑपरेशन की बदौलत अब कड़ाके की सर्दी में भी ट्रेनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी है।

