सीएम ने कहा- एसआईआर की आड़ में एनआरसी नहीं होने देंगी
जाकिर अली
हुगली 28 जनवरी (आरएनएस)। जिले के सिंगूर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जहां मोदी सरकार पर कड़ी भाषा में जुबानी हमले किए वहीं उन्होंने सिंगूर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया और सार्वजनिक वितरण कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि कृषि भूमि का उपयोग किए बिना उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। सीएम ने स्पष्ट कर दिया कि राज्य औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाएगा, लेकिन कृषि भूमि की कीमत पर नहीं। सीएम ने कहा- रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए सिंगूर में आठ एकड़ भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित किया गया है। सिंगूर की सभा से ही मुख्यमंत्री ने 1,500 करोड़ रुपये की लागत वाले घाटाल मास्टर प्लान का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके साथ ही बंगला बाड़ी योजना के तहत 20 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में घर निर्माण के लिए राशि भेजी गई। ममता बनर्जी ने दावा किया कि आज कुल मिलाकर एक हजार से अधिक सेवाओं का उद्घाटन हुआ है, जिसके लिए 33,551 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दिल्ली एक पैसा नहीं देती। घाटाल मास्टर प्लान के लिए एक हजार करोड़ रुपये हमने अपने पैसे से दिए हैं।
साथ ही मुख्यमंत्री ने सिंगूर आंदोलन और किसानों को जमीन वापस लौटाने की घटना को याद किया और कहा कि, उन्होंने सिंगूर में 26 दिन तक जन आन्दोलन किया था, वह और भी करना चाहती थी। सीएम ने कहा कि, बंगाल में भाजपा को घुसने नहीं देंगी। इसके लिए उन्हें जो करना होगा वह तैयार है। उन्हें जान का कोई डर नहीं है। वह लोगों के लिए हमेशा जान की बाजी लगाने को तैयार है। सिंगूर भूमि आंदोलन को याद करते हुए, बनर्जी ने 2006 में कृषि भूमि अधिग्रहण का विरोध करने में अपनी भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल के बारे में बात की और कहा कि वह आंदोलन के दौरान किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहीं, और किसानों को भूमि की अंतिम वापसी को अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब बताया।
केंद्र सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जमीन लौटाने का अपना वादा पूरा करने के लिए व्यक्तिगत जोखिम उठाए, जबकि अन्य सरकारें केवल घोषणाओं तक ही सीमित रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य द्वारा कार्यान्वित कई परियोजनाओं पर बाद में केंद्र सरकार ने अपना दावा कर लिया। कार्यक्रम के दौरान, बनर्जी ने कई सरकारी परियोजनाओं की आधारशिला रखी और पात्र लाभार्थियों को लाभ वितरित किए। उन्होंने दोहराया कि राज्य किसानों और स्थानीय निवासियों के अधिकारों और आजीविका की रक्षा करते हुए अपने विकास एजेंडे को जारी रखेगा। मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की साजिश करार देते हुए कहा कि वह किसी भी सूरत में बंगाल के लोगों को डिटेंशन कैंप में नहीं जाने देंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, एसआईआर की आड़ में एनआरसी लागू करने की साजिश चल रही है। मैं प्रधानमंत्री से पूछती हूं कि आपकी पत्नी का टाइटल क्या है? बंगाल की बेटियां शादी के बाद ससुराल जाती हैं, उनका सरनेम बदल जाता है, तो क्या उन्हें एसआईआर में बुलाया जाएगा?
उन्होंने कहा “मुझे जेल में डालो, गोली मारो, आई डोंट केयर। अगर मुझे जेल में डाला गया, तो माताएं-बहनें जवाब देंगी, किसान जवाब देंगे।” सीएम ममता ने कहा- एसआईआर का मतलब है सर्वनाश। मुझे मारोगे तो प्रत्याघात होगा। मैं कालबैशाखी बन जाउंगी, टॉर्नेडो बन जाउंगी।” सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘एसआईआर Ó और ‘आतंकÓ शीर्षक से दो कविताएं भी पढ़ीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रोजगार सृजन के उद्देश्य से सिंगूर में आठ एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि भूमि पर कोई उद्योग नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने कहा- हम भीख नहीं मांग रहे है। राज्य के पैसे से विकास होगा। टाटा परियोजना के वापस जाने के बाद सिंगूर में औद्योगिकीकरण की उम्मीदों का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, मैंने यहां 26 दिन अनशन किया था। तुमने क्या किया, एक ईंट भी नहीं रखी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि आशा और आईसीडीएस कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन खरीदने के लिए 10 हजार रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा किसानों को भी 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। फसल बीमा योजना के तहत किसानों को चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई है। साथ ही 290 शरणार्थी कॉलोनियों को मान्यता प्रदान की गई है। अपने भाषण के दौरान एसआईआर का बार बार उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, ” वह लोग हिंदू हिंदू कर हिंदुओं को ही मार रहे हैं।” तृणमूल प्रमुख ने कहा कि “एसआईआर के आतंक” की वजह से कई हिंदू भी मारे गए हैं। इससे पहले, सीएम ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “आपने बंगाल नहीं देखा है। अगर बंगाल ने जवाब देना शुरू कर दिया, तो आपके पास कोई ताकत नहीं होगा इसे झेल सके।
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