जगदीश यादव
कोलकाता 28 जनवरी (आरएनएस)। महानगर कोलकाता के आनंदपुर इलाके में दो गोदामों में अगलगी की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। कहा जा रहा है कि उक्त संख्या और भी बढ़ सकती है। इसी बीच, कई लोग अभी भी लापता हैं, और उन्हें ढूंढने के लिए तलाशी अभियान जारी है। इस खबर को जब लिखा जा रहा था तब अगलगी की घटना को लगभग 53 घंटे से अधिक समय बीत चुके थे। कथित लापता मृतकों के परिजन अभी भी आग के मलवे में अपने लोगों की खोज कर रहे हैं। नजीराबाद की नामी मोमो फैक्ट्री और डेकोरेटर के गोदाम से अब तक राख से 16 लोगों के शव के टुकड़े बरामद हुए हैं। दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं। इस घटना में कम से कम मोमो फैक्ट्री के तीन कर्मचारियों की भी मौत हुई है, यह मोमो कंपनी ने अपने कर्मचारियों की मौत की पुष्टि की। साथ ही, मृतकों के परिवार को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सहित कई सुविधाएं देने की बात कही। पुलिस ने डेकोरेटर गोदाम मालिक गंगाधर दास को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले उसे कोर्ट में पेश करने फर उसके वकील ने कोर्ट में कहा कि, गंगाधर दास सम्मानित व्यक्ति हैं और उन्हें इस तरह से अपराधी दिखाया जा रहा है। क्या विमान हादसा में मरने वालों के लिए विमान के मालिक को दोषी माना जाता है। वहीं गंगाधर दास ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उसने पुलिस को बताया कि आग मोमो फैक्ट्री की लापरवाही के कारण लगी और इस हादसे में उसका वर्षों पुराना कारोबार पूरी तरह तबाह हो गया। हालांकि अब तक उस कंपनी से किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि दोनों गोदामों में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। दमकल विभाग के महानिदेशक रणवीर कुमार ने घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि इन गोदामों को दमकल विभाग की ओर से कोई फायर सेफ्टी क्लीयरेंस नहीं दी गई थी। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि बिना वैध अनुमति के ये गोदाम इतने लंबे समय तक कैसे संचालित होते रहे।कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कोलकाता के मेयर और राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि किसी का रोजग़ार अचानक बंद कर देना भी सही नहीं है, वरना उस पर भी सवाल उठते हैं। कुछ हलकों में यह दावा भी किया गया है कि ये गोदाम भरे हुए जलाशयों (वेटलैंड) पर बनाए गए थे। हालांकि, फिरहाद हकीम ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि गोदाम वेटलैंड पर बने थे या नहीं, और उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी नए वेटलैंड को भरा नहीं जा रहा है। इस बीच, फिरहाद हकीम ने आनंदपुर वेयरहाउस अग्निकांड में मृतकों और लापता लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। शवों या उनके अवशेषों की पहचान के बाद परिजनों को यह राशि चेक के माध्यम से सौंपी जाएगी। इधर पुलिस ने बताया कि आग किस गोदाम से शुरू हुई और कैसे दूसरे गोदाम तक फैली, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। आग लगने के कारणों की जांच जारी है। दमकल विभाग की शिकायत के आधार पर नरेंद्रपुर थाना में लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए भी इसी धारा में एक अलग मामला दर्ज किया है। इन्हीं मामलों के आधार पर गंगाधर दास को मंगलवार रात गरिया इलाके से गिरफ्तार किया गया। स्थानीय लोगों, पुलिस व दमकल सूत्रों ने बताया कि, रविवार रात ईएम बाईपास के पास आनंदपुर के नाजीराबाद इलाके में पहले एक डेकोरेटर्स के गोदाम में आग लगी। देखते ही देखते आग पास के खाने-पीने के सामान वाले गोदाम तक फैल गई। कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने दोनों गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। गोदाम के अंदर काम कर रहे कई कर्मचारी आग की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों और लापता कर्मचारियों के परिजनों का आरोप है कि गोदाम का दरवाजा बंद था, जिससे अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके। कई कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

