पीएम ने किया शोक प्रकट,किया आर्थिक राहत का ऐलान, मृतकों का आंकड़ा बढ़कर हुआ 25
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी लिया घटना के संज्ञान
मोमो आउटलेट के मैनेजर और डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार
जगदीश यादव
कोलकाता 30 जनवरी (आरएनएस)। आनंदपुर में भीषण अगलगी की घटना के कई दिन बाद आज राज्य के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने घटना स्थल का दौरा किया। वहीं घटना के के 5 दिन बाद भी मृतकों की संख्या का क्रम जारी था। अबतक मृतक संख्या 25 बताई जा रही है। जबकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उक्त हादसे पर शोक प्रकट करते हुए राष्ट्रीय राहत कोष से पीडि़तों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, पश्चिम बंगाल के आनंदपुर में हुई हालिया अग्निकांड बेहद दुखद और दर्दनाक है। जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं।उन्होंने आगे कहा, प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
वहीं आज ही इस घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वत: संज्ञान लेते हुए संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को शीघ्र कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) सौंपने का निर्देश दिया है। एनएचआरसी ने यह कार्रवाई वाओ मोमो फैक्ट्री से जुड़ी कथित गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों की शिकायत के आधार पर की है। आयोग ने पत्र में कहा कि इस हादसे के लिए संबंधित कंपनी प्रबंधन की आपराधिक लापरवाही जिम्मेदार ठहराई गई है। साथ ही, राज्य अग्निशमन सेवा, श्रम विभाग, शहरी नियोजन प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन की नियामकीय विफलताओं का भी उल्लेख किया गया है। एनएचआरसी ने अपने पत्र में कारखाना अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के गंभीर उल्लंघन की ओर भी इशारा किया है। पत्र में कहा गया है, शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीडि़तों के मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर संकेत करते हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के सूत्रों के अनुसार, अभी भी कई लोगों के लापता होने की सूचना है, जिससे मृतकों की संख्या और बढऩे की संभावना जताई जा रही है। इधर इस मामले में मोमो आउटलेट के मैनेजर और डिप्टी मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। आग लगने के कारणों और परिसर में सुरक्षा उपायों में संभावित चूक की चल रही जांच के तहत ये गिरफ्तारियां की गई हैं।
घटना के बाद, पुलिस ने जवाबदेही तय करने के लिए विस्तृत जांच शुरू की। जांचकर्ताओं को प्रथम दृष्टया ऐसे सबूत मिले जो लापरवाही और अग्नि सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन का संकेत देते हैं। उक्त खबर के लिखे जाने तक मोमो कंपनी के गोदाम में कार्य करने वाले कई लोग अभी भी लापता बताये जा रहे हैं। वहीं क्रेन से आज अगलगी के मलवे को हटाया जा रहा था और कोलकाता नगर निगम के कर्मी अधिकारी भी अपने-अपने कार्य में व्यस्त दिखें। उन्होंने कहा कि, मलवा हटाया जा रहा है और देख रहें हैं कि क्या कोई और शव यहां है कि नहीं।
बहरहाल बता दे, पांच दिन पहले यहां लगी भीषण आग ने आनंदपुर के नाजिराबाद इलाके को तबाही के मंजर में बदल दिया है। कभी श्रमिकों की आवाजाही से आबाद रहने वाला यह इलाका अब खंडहर व मलवे में तब्दील हो चुका है, मलबे से भरा पड़ा है और चारों ओर जलने की दुर्गंध फैली हुई है। लापता लोगों के परिवार वाले अपने प्रियजनों की तलाश में बेताब हैं, और हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। बरामद अवशेषों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए से पहचान की प्रक्रिया चल रही है।
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