लखनऊ,31 जनवरी (आरएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन एवं प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप के निर्देशानुसार, दिव्यांगजनों को शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए निरंतर ठोस एवं संवेदनशील प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का शैक्षिक भ्रमण किया।इस शैक्षिक भ्रमण में विश्वविद्यालय के ईएमईटी पाठ्यक्रम के दृष्टिबाधित अभ्यर्थी, उनके प्रशिक्षक, स्वयंसेवक एवं हेल्प द ब्लाइंड फाउंडेशन (॥ञ्जक्चस्न) के समन्वयक डॉ. विजय शंकर शर्मा शामिल रहे। ॥ञ्जक्चस्न के सहयोग से आयोजित इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया और शासन व्यवस्था की प्रत्यक्ष एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था।भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विधानसभा की कार्यप्रणाली, कानून निर्माण की प्रक्रिया, सदन में चर्चा एवं निर्णय लेने की प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। विधानसभा भवन की फोटो गैलरी के माध्यम से उन्हें प्रदेश के पूर्व एवं वर्तमान जनप्रतिनिधियों, ऐतिहासिक घटनाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं से अवगत कराया गया।
विशेष रूप से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्पर्शनीय (टैक्टाइल) मॉडल प्रदर्शित किया गया, जिससे विद्यार्थियों ने स्पर्श के माध्यम से विधानसभा भवन की संरचना, आकार और आंतरिक व्यवस्था को समझा। इसके पश्चात सत्तापक्ष, विपक्ष, मीडिया दीर्घा, अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था और अध्यक्ष (स्पीकर) की भूमिका सहित सदन संचालन की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।विद्यार्थियों को विधानसभा में प्रयुक्त आधुनिक डिजिटल प्रणाली की भी जानकारी दी गई। प्रत्येक सदस्य की सीट पर लगे डिजिटल पैनल, हेडफोन और डेस्क के माध्यम से प्रश्न पूछने, मतदान करने और सदन की कार्यवाही संचालित होने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल, सहज और संवेदनशील भाषा में उत्तर दिया। इस शैक्षिक भ्रमण ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझने और उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों से परिचित होने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
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