तेहरान ,01 फरवरी । ईरान के दक्षिणी और रणनीतिक रूप से अहम बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में हुए भीषण धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह विस्फोट शहर के एक बहुमंजिला रिहायशी भवन में हुआ। शुरुआती जानकारी में कम से कम 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें चार बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। कई लोग घायल हैं और मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका जताई जा रही है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जिस इमारत को निशाना बनाया गया, वह ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (ढ्ढक्रत्रष्ट) से जुड़े गेस्ट हाउस के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी। हालांकि धमाके की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।
छह शहरों से धमाकों की खबर
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बंदर अब्बास के अलावा छह शहरों से विस्फोट की तस्वीरें और सूचनाएं सामने आई हैं। इनमें कुछ धमाके रिहायशी इलाकों में हुए, जबकि सबसे ज्यादा नुकसान बंदर अब्बास पोर्ट क्षेत्र को पहुंचा है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि जिन शहरों में धमाके हुए, उनमें तीन ऐसे शहर शामिल हैं जहां परमाणु संयंत्र मौजूद हैं। इसके अलावा परांद, तबरीज और अहवाज शहरों में भी विस्फोट की खबर है।
8 मंजि़ला इमारत की दो मंजि़लें ढही
ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, बंदर अब्बास के मोअल्लेम बुलेवार्ड इलाके में स्थित एक 8 मंजि़ला इमारत में विस्फोट हुआ, जिसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि इमारत की दो मंजि़लें पूरी तरह ढह गईं। आसपास खड़ी कई गाडिय़ां क्षतिग्रस्त हो गईं और पास की दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
नौसेना कमांडर को निशाना बनाने की आशंका
सूत्रों का कहना है कि धमाके में ढ्ढक्रत्रष्ट के नौसेना कमांडर को निशाना बनाए जाने की आशंका है। इस बीच ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने सख्त बयान जारी करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरानी सेनाएं किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
खाड़ी में बढ़ी सैन्य गतिविधियों के बीच हमला
यह धमाका ऐसे समय पर हुआ है जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य गतिविधियां तेज़ हैं। इसी वजह से इस घटना को लेकर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि इजराइल ने साफ किया है कि इस घटना में उसका या अमेरिका का कोई हाथ नहीं है। दो इजरायली अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि ईरान में हुए इन धमाकों से उनका कोई संबंध नहीं है।
संवेदनशील क्षेत्र में बढ़ी चिंता
बंदर अब्बास ईरान का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह शहरों में से एक है और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित होने के कारण इसकी रणनीतिक अहमियत बेहद ज्यादा है। ऐसे में इस इलाके में हुए धमाकों ने न सिर्फ ईरान बल्कि पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन धमाकों की असली वजह सामने आने तक सस्पेंस बना हुआ है।
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