हरिद्वार,04 फरवरी (आरएनएस)। ग्राम पंचायत की भूमि को लेकर बहादराबाद क्षेत्र में एक बार फिर विवाद गहरा रहा है। पंचायत भूमि के कथित हस्तांतरण को लेकर ग्राम प्रधान ग्रामीणों के निशाने पर आ गए हैं। आरोपों से आक्रोशित ग्रामीण मामले को प्रशासन तक ले जाने की चेतावनी दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग एक वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत की खसरा संख्या 325 की करीब 15 बीघा भूमि का हस्तांतरण कर उसे खसरा संख्या 371 और 373 में दर्ज किया गया था। उस समय भी इस कार्रवाई पर सवाल उठे थे। ग्रामीणों ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए आपत्ति जताई थी। यही मामला बार चर्चा में है। इससे गांव में नाराजग़ी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि का हस्तांतरण किया गया, उसका उपयोग ग्राम पंचायत और गांव के सार्वजनिक हित में नहीं किया जा रहा है। आरोप लगाया जा रहा है कि उक्त भूमि को प्रशासनिक मिलीभगत के जरिए किसी निजी संस्था को सौंपने की योजना बनाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की भूमि गांव की सामूहिक संपत्ति है। इसका उपयोग जनहित के कार्यों के लिए किया जाना चाहिए न कि किसी निजी लाभ के लिए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि से संबंधित निर्णय बिना ग्राम सभा की सहमति और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए लिए गए। इससे गांव में असंतोष बढ़ता जा रहा है। मामले को लेकर गांव में बैठकों का दौर चल रहा है। ग्राम पंचायत सदस्य ऊषा, सौरभ, दीप, मेनका रूबी और पंकज भी ग्रामीणों के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जल्द प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत करने के साथ आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल ग्राम प्रधान की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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