एसआईआर के खिलाफ रिट याचिका दायर
नई दिल्ली/कोलकाता,04 फरवरी (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट व परिसर में मौजूद वकील से लेकर जज व कोर्ट कर्मी आज तब हैरत में पड़ गए जब बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को काले गाउन में देखा। जी हां, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में खुद ही अपने केस की पैरवी की। ऐसे में 29 साल पुरानी वह घटना याद आ गई जब सीएम ममता ने बतौर वकील काला गाउन पहनकर अदालत में जिरह की थी। तृणमूल प्रमुख ने चुनाव आयोग की ओर से राज्य में जारी एसआईआर के खिलाफ रिट याचिका दायर की है। देश के न्यायिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि एक प्रदेश की मौजूदा मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में खुद ही जुबानी दलीलें पेश की हैं। सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने उन्हें सुनने के बाद चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर अगले सोमवार तक जवाब दाखिल करने को कहा है। जानकारी की माने तो भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच में यूं तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से केस की पैरवी के लिए सीनियर वकील श्याम दिवान मौजूद थे, लेकिन ममता बनर्जी ने अदालत में खुद खड़े होकर संक्षेप में मौखिक रूप से अपनी बातें रखीं। सीएम ममता बनर्जी ने खुद अदालत में अपनी बात रखने की कोशिश की। हालांकि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) ने बीच में ही उन्हें टोकते हुए कहा कि उनकी ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और श्याम दीवान पहले ही सभी दलीलें रख चुके हैं। ममता के मामले की सुनवाई सीजेआई के सूर्यकांत के अलावा जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच कर रही है। दक्षिण कोलकाता के जोगेश चंद्र लॉ कालेज से कानून की डिग्री प्राप्त ममता बनर्जी के उक्त कार्य की जहां सराहना हो रही है वहीं इसे मजाकिया अंदाज में लिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को तय की है और चुनाव आयोग को निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने रवींद्रनाथ टैगोर की स्पेलिंग में बदलावों का जिक्र करते हुए लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है और राज्य में बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। इस दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में चुनाव आयोग सभी दस्तावेज स्वीकार कर रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल के मामले में उन्हें खारिज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब ऐसे समय हो रहा है, जब त्योहार और फसल कटाई का मौसम है और बड़ी संख्या में लोग राज्य से बाहर है। इस दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को ‘व्हाट्सऐप कमीशन’ तक कह दिया, उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन सॉरी, व्हाट्सऐप कमीशन यह सब कर रहा है। लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। बंगाल को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।” सुनवाई के अंत में सीजेआई ने कहा कि अदालत समय बढ़ाने का निर्देश दे सकती है। उन्होंने ममता बनर्जी से कहा कि अदालत को उनके वकील श्याम दीवान की काबिलियत पर पूरा भरोसा है और उन्होंने अपने लिए श्रेष्ठ वकील चुने हैं।
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