नईदिल्ली,05 फरवरी। अंडर-19 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज आरोन जॉर्ज ने शतक (115) लगाया। यह मौजूदा विश्व कप संस्करण में उनके बल्ले से निकलने पहली शतकीय रही। इस बीच उन्होंने कप्तान आयुष म्हात्रे (62) के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। दिलचस्प रूप से जॉर्ज ने अफगान टीम के विरुद्ध जीत के लिए मिले 311 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए ये पारी खेली।
भारत से पारी की शुरुआत करते हुए जॉर्ज ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए 52 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी (68) के साथ पहले विकेट के लिए 90 रन और म्हात्रे के साथ 114 रन की साझेदारी की। बल्लेबाजी के लिए अच्छी नजर आ रही हरारे की पिच पर जॉर्ज ने 95 गेंदों में अपनी पारी को शतक में तब्दील किया। वह 104 गेंदों में 15 चौकों और 2 छक्कों की बदौलत 115 रन बनाकर आउट हुए।
जॉर्ज ने टी-20 विश्व कप 2026 में पहली अच्छी पारी खेली। उन्होंने अपने पिछले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ 16 रन बनाए थे। उन्होंने मेजबान जिम्बाब्वे के विरुद्ध मुकाबले में 16 गेंदों में 23 रन की पारी खेली थी। अपने पहले मुकाबले में इस सलामी बल्लेबाज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दहाई का आंकड़ा भी नहीं छूआ था और 6 रन बनाकर आउट हुए थे। उन्होंने 4 मैचों में 40.25 की औसत से 161 रन बनाए हैं।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए उस्मान सदात (39) और खालिद अहमदजई (31) ने अफगानिस्तान को सधी हुई शुरुआत दिलाई। इसके बाद शिनोजादा और नियाजई ने शतक लगाते हुए टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाया। जवाब में वैभव सूर्यवंशी ने ताबड़तोड़ अर्धशतक (68) लगाया। उनके बाद कप्तान आयुष म्हात्रे (62) और सलामी बल्लेबाज जॉर्ज ने शतक लगाते हुए जीत में अहम योगदान दिया। विहान मल्होत्रा ने नाबाद 38 रन की पारी खेली।
भारतीय टीम का फाइनल में सामना इंग्लैंड क्रिकेट टीम से 6 फरवरी को होगा। बता दें कि इंग्लिश टीम ने पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया था। भारतीय टीम ने 10वीं बार फाइनल में जगह बनाई। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के इतिहास में अपना छठा खिताब जीतने की कोशिश करेगी। बता दें कि भारत मोहम्मद कैफ (2000), विराट कोहली (2008), उन्मुक्त चंद (2012), पृथ्वी शॉ (2018) और यश ढुल (2022) की कप्तानी में विश्व विजेता बना था।
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