कोलकाता 5 फरवरी (आरएनएस)। विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल का बजट पेश किया गया। ऐसे में सीएम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कहा कि उनकी सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किया गया अंतरिम बजट पूरी तरह जनहितैषी है और इसमें वित्तीय अनुशासन साफ तौर पर झलकता है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार के बजट से अलग बताते हुए कहा कि केंद्रीय बजट दिशाहीन और बिना दिशा-सूचक है। बजट के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगातार भेदभाव वंचना के बावजूद राÓय सरकार ने आम लोगों के कल्याण को सर्वो’च प्राथमिकता दी है। हमारा बजट जनहितैषी है, न कि केंद्रीय बजट की तरह दिशाहीन और लक्ष्यहीन। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार से अपने वैध बकाये नहीं मिल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद राÓय सरकार ने विकास और कल्याणकारी योजनाओं से कोई समझौता नहीं किया। केंद्र द्वारा आर्थिक रूप से वंचित किए जाने के बावजूद हमने जनहित को ध्यान में रखते हुए यह बजट पेश किया है। राÓय के वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठ रही आलोचनाओं को खारिज करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि अंतरिम बजट जिम्मेदार शासन और वित्तीय संतुलन का परिचायक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बजट में महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों और समाज के कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान दिया गया है। उल्लेखनीय है कि, इससे पहले दिन में पश्चिम बंगाल विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ का अंतरिम बजट पेश किया गया। यह बजट ऐसे समय में लाया गया है, जब राÓय में विधानसभा चुनाव होने में बहुत कम समय बचा है। सीएम ने आरोप लगाया कि केंद्र पर पश्चिम बंगाल का लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का वैध बकाया है। बनर्जी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़कें और सर्व शिक्षा अभियान जैसी प्रमुख योजनाओं के लिए फंड सालों से रोक दिया गया है।

