कोलकाता 5 फरवरी (आरएनएस)। पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय विस्तार दर्ज किया गया है और चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट आकार रिकॉर्ड स्तर पर चार लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सलाहकार अमित मित्रा ने गुरुवार को यह दावा किया। विधानसभा में वोट ऑन अकाउंट पेश किए जाने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मित्रा ने कहा कि 2010-11 में जहां राज्य का कुल बजट आकार लगभग 84 हजार करोड़ था, वहीं अब यह करीब पांच गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा सरकार के कार्यकाल में राज्य की अर्थव्यवस्था के व्यापक विस्तार को दर्शाता है।
अमित मित्रा के अनुसार, राज्य के स्वयं के कर संग्रह में भी बड़ा इज़ाफा हुआ है। यह 2010-11 में 21,129 करोड़ रुपये से बढ़कर मौजूदा बजट में अनुमानित एक? लाख 18 हजार 669 करोड़ तक पहुंच गया है, यानी 5.4 गुना वृद्धि। इसी अवधि में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद भी लगभग चार गुना बढऩे का अनुमान है। उन्होंने पूंजीगत व्यय को विकास का प्रमुख संकेतक बताते हुए कहा कि पूंजीगत खर्च 2010-11 के 2,226 करोड़ से बढ़कर अब करीब 43 हजार करोड़ रुपये हो गया है, जो 18.5 गुना की वृद्धि है। वर्तमान में राज्य के कुल पूंजीगत व्यय का 45 प्रतिशत से अधिक हिस्सा परिसंपत्ति निर्माण पर खर्च किया जा रहा है, जिससे उधार लिए गए धन को बुनियादी ढांचे और सामाजिक परिसंपत्तियों में बदला जा रहा है। मित्रा ने कहा कि ‘मा, माटी, मानुषÓ सरकार ने किसानों, सामाजिक सेवाओं और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी है। तृणमूल कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से किसानों के लिए बजटीय सहायता में 13 गुना वृद्धि हुई है। वहीं, सामाजिक सेवाओं पर खर्च 11 गुना और भौतिक बुनियादी ढांचे पर व्यय 10 गुना बढ़ा है। राज्य के वित्तीय प्रबंधन का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने वित्तीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों का पालन किया है। उनके मुताबिक, राजकोषीय घाटा 4.24 प्रतिशत से घटकर 2.91 प्रतिशत पर आने की राह पर है, यानी लगभग 32 प्रतिशत की कमी। वहीं, राजस्व घाटा 3.75 प्रतिशत से घटकर 1.01 प्रतिशत रह गया है और इसे लगभग शून्य पर लाने का लक्ष्य है। अमित मित्रा ने यह भी कहा कि राज्य का कुल कर्ज सकल राज्य घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में 40.75 प्रतिशत से घटकर 37.98 प्रतिशत हो गया है। इसके अलावा, मौजूदा सरकार ने पिछली सरकार से विरासत में मिले ऋण पर अब तक करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की मूलधन और ब्याज राशि का भुगतान किया है। रोजगार के मोर्चे पर उन्होंने भारत सरकार के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि 2017-18 से 2023-24 के बीच पश्चिम बंगाल में बेरोजग़ारी दर में 45.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
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