दुग,06 फरवरी (आरएनएस)। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पीडब्ल्यूडी कॉन्फ्रेंस हॉल में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक ली, जिसमें उनके साथ कैबिनेट मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, 35 विधानसभा क्षेत्रों के विधायक और कई जिलों के कलेक्टर मौजूद रहे। बैठक में 27 जिलों के अंतर्गत आने वाली 35 विधानसभा सीटों में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सदस्यों से सुझाव लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ तो मिल ही रहा है, लेकिन पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के समग्र विकास को गति देने के लिए 80 करोड़ रुपये का अलग बजट प्रावधान किया गया है।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर और 40 कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए। इनमें कुछ कंपनियां छत्तीसगढ़ से, कुछ अन्य राज्यों से और कुछ विदेशी कंपनियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि प्राधिकरण के माध्यम से स्कूलों में भी कई विकास कार्य कराए जाएंगे, जिससे शैक्षणिक ढांचे को मजबूती मिलेगी।बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री टंकराम वर्मा, मंत्री गजेन्द्र यादव, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।इसी बैठक के दौरान चिटफंड घोटाले के पीडि़त निवेशकों को भी राहत दी गई। यश ड्रीम कंपनी में निवेश कर ठगी का शिकार हुए लोगों को कंपनी की संपत्ति कुर्की के बाद उनकी राशि वापस की जा रही है। प्रतीकात्मक रूप से आज 6 लोगों को चेक सौंपे गए। पुलिस द्वारा आगे भी निवेशकों की डूबी हुई रकम लौटाने की प्रक्रिया जारी है।
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