अयोध्या,07 फरवरी (आरएनएस)। चार श्रम संहिताओं, वीवी ग्रामजी कानून तथा अंधाधुंध निजीकरण जैसे मुद्दों को लेकर 12 फरवरी को होने वाली श्रमिक संगठनों की राष्ट्रीय आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक मसौधा स्थित राणी सती मंदिर परिसर में सम्पन्न हुई। हड़ताल की तैयारी में किसानों मजदूरों के बीच व्यापक प्रचार प्रसार की रणनीति बनाई गई और विभिन्न क्षेत्रों से भागीदारी कराने के लिए साथियों को जिम्मेदारी भी दी गई।
बैठक को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को खत्म कर बनाए गए चार श्रम कोड मजदूरों को मालिकों का गुलाम बना देंगे जिससे श्रमिकों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। श्रम कानूनों को खत्म कर बनाए गए ये चार श्रम कोड देश के संविधान पर एक बड़ा हमला है और संविधान को खत्म करने की मोदी सरकार की साजि़श का एक हिस्सा है। वक्ताओं ने कहा कि मांग एवं अधिकार आधारित ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून को समाप्त कर दिया गया। केंद्र सरकार की मनमर्जी पर आधारित लाया गया वीवी ग्रामजी कानून ग्रामीण मजदूरों को रोजगार से वंचित कर उन्हें शहरों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर कर दिया गया है। वक्ताओं ने कहा कि हड़ताल के माध्यम से कोयला, रेल, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि का जोरों से किए जा रहे निजीकरण तथा बिजली और खेती को अडानी अंबानी जैसे पूंजीपतियों के हवाले करने को भी जोरदार ढंग से उठाया जाएगा। हड़ताल में संयुक्त किसान मोर्चा पूरी ताकत के साथ भागीदारी करेगी। बैठक में मोर्चा संयोजक मया राम वर्मा, किसान सभा के राज्य सचिव अशोक कुमार तिवारी, किसान नेता अशोक यादव, वरिष्ठ नेता अतीक अहमद, भाकियू नेता कमला प्रसाद बागी, अभयराज ब्रह्मचारी, किसान सभा के जिला सचिव मया राम वर्मा, डॉ0 आर एस सरोज, राम उदित वर्मा, भोजराज वर्मा आदि मौजूद रहे।
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