कोलकाता 8 फरवरी (आरएनएस)। भांगड़ के टीएमसी विधायक शौकत मोल्ला ने चुनाव हारने पर लक्ष्मी भंडार योजना बंद करने की धमकी दी है। ऐसे में एक ओर जहां बवाल मच गया है वहीं तृणममूल का सिरदर्द बढ़ गया है। समसामयिक तौर पर पार्टी ने विधायक के बयान से दूरी बना ली है। लेकिन बीजेपी ने टीएमसी पर हमला तेज कर दिया है। दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में एक सभा को संबोधित करते हुए शौकत मोल्ला ने चेतावनी दी कि अगर वह अपनी सीट हार गए, तो सरकारी सर्विस या पैसा बंद कर दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जहां भी वह हारे हैं, वहां सरकारी पैसा बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा, भांगड़ के जिन तीन इलाकों से मैं हारा, वहां मैंने पैसा बंद करवा दिया है। शौकत ने यह भी कहा, दादा खाएंगे और चाचा गाएंगे! ममता बनर्जी पैसा देंगी और फिर उनकी बुराई करेंगे, यह नहीं होगा। शौकत ने इलाके के तृणमूल कार्यकर्ताओं को यह भी संदेश दिया कि जिन आईएसएफ कार्यकर्ताओं के नाम सीएमआरओ में आए हैं, उन्हें पैसे नहीं मिलने चाहिए। शौकत ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में लक्ष्मी भंडार समेत दूसरी सरकारी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस लोकसभा चुनाव में भांगर के चलतबेरिया, शानपुकुर और पोलरहाट 1 इलाके आईएसएफ से हार गई थी। दूसरी ओर, शौकत मोल्ला के बयान के बाद सियासत गरमा गई है। यहां तक कि तृणमूल कांग्रेस ने भी विधायक के बयान से खुद को किनारा कर लिया है। तृणमूल प्रवक्ता तन्मय घोष ने साफ कहा, यह पार्टी का बयान नहीं है। वह पर्सनल लेवल पर बोल रहे हैं। हम अलीपुरद्वार और ईस्ट मेदिनीपुर में भी कई सीटों पर हारे हैं। वहां भी सरकारी योजनाओं के लिए पैसे दिए जा रहे हैं। पार्टी की तरफ से पार्टी जरूर बोलेगी। दूसरी ओर, केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है, तो मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के साथ मिलकर लोगों को ध्यान में रखकर एक मजबूत बजट तैयार करेंगे, जिसका मकसद विकसित पश्चिम बंगाल बनाना होगा। डॉ सुकांत मजूमदार ने गहरी चिंता जताई और कहा कि बंगाल के लोग प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें दूसरे राज्यों में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस असल में बंगालियों की सबसे बड़ी दुश्मन बन गई है।
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