राजनांदगांव, 11 फरवरी (आरएनएस)। मादक पदार्थों एनडीपीएस से संबंधित प्रकरणों की प्रभावी जांच, सुदृढ़ दस्तावेजीकरण एवं न्यायालयीन दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिनांक 11 फरवरी 2026 को मंगल भवन, पुलिस लाईन राजनांदगांव में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं मुख्य अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज बालाजी राव एवं पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुअंकिता शर्मा उपस्थित रहे। पुलिस महानिरीक्षक ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य एनडीपीएस एक्ट के कार्यवाहि में विवेचना का स्तर सुधारनाआरोपियों की दोष सिद्धि में बढ़ोतरी करना है जिससे शासन की मंशा अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य को नशा मुक्त बनाया जा सके । पुलिस अधीक्षक ने अपने उद्बोधन में मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, तकनीकी रूप से मजबूत विवेचना एवं टीम वर्क की आवश्यकता पर बल दिया और इस कार्यशाला को के लिए बहुत उपयोगी बताया।
प्रशिक्षण सत्र में विषय विशेषज्ञों द्वारा एनडीपीएस अधिनियम की महत्वपूर्ण धाराएं, तलाशी एवं जब्ती की वैधानिक प्रक्रिया, साक्ष्य संधारण, केस डायरी लेखन, चार्जशीट तैयारी तथा न्यायालयीन प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण में के.के. चतुर्वेदी (डीडीपी, महासमुंद), मनोज सिंह (डीपीओ), निरीक्षक अनिल कुमार (नारकोटिक्स क्राइम ब्यूरो), पूर्व डीएसपी राकेश जोशी, एडीपीओ जयंत पाटले, ऋचा जलतारे (राजनांदगांव) सहित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एसडीओपी डोंगरगढ़ केसरी नंदन नायक, प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार, डीएसपी नवी मोनिका पांडे, प्रशिक्षु डीएसपी सुमन जायसवाल सहित राजनांदगांव रेंज के चारों जिलों से सहायक उप निरीक्षक से निरीक्षक स्तर तक कुल लगभग 90 अधिकारियों ने सहभागिता की।
विशेष रूप से एनडीपीएस एक्ट के 18 प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि पारित करने पर संबंधित प्रकरण के विवेचना अधिकारियों उत्साहवर्धन हेतू प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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