सारंगढ़-बिलाईगढ़, 13 फरवरी 2026(आरएनएस) जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में मनरेगा के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने मैदानी निरीक्षण किया। सारंगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में पहुंचकर उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता और हितग्राहियों को मिल रहे लाभ की प्रत्यक्ष जानकारी ली।
डबरी निर्माण से बढ़ेगी आय
ग्राम पंचायत हिर्री में कलेक्टर ने हितग्राही कमला भारद्वाज द्वारा कराए जा रहे डबरी निर्माण कार्य का अवलोकन किया। हितग्राही ने बताया कि डबरी पूर्ण होने के बाद वे मछली पालन प्रारंभ करेंगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। कलेक्टर ने डबरी के गहरीकरण के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक वर्षा जल संचयन से इसका लाभ दीर्घकालिक होगा। साथ ही उन्होंने मछली बीज उत्पादन की संभावना पर भी सुझाव दिया और हितग्राही को ‘बिहान’ समूह से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें शासकीय योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।
बंजर भूमि बनी उपजाऊ
ग्राम पंचायत मल्दा (ब) में 30–40 मॉडल के अंतर्गत जल संरक्षण और भूमि सुधार कार्यों का निरीक्षण किया गया। हितग्राही कमल प्रसाद बरिहा ने बताया कि मनरेगा के माध्यम से एक एकड़ बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया गया है। पूर्व में अनुपयोगी रही भूमि अब जल संरक्षण कार्यों के कारण खेती योग्य हो गई है। वे यहां नींबू की खेती प्रारंभ करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा।
इसी प्रकार ग्रामीण अर्जुन यादव ने बताया कि मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों से वर्षा जल का संरक्षण संभव होगा और भूमि की उत्पादकता में सुधार आएगा।
गुणवत्ता और जल संरक्षण पर जोर
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हों तथा जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर निरीक्षण से ही योजनाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होती है। मनरेगा के माध्यम से बंजर भूमि को खेती योग्य बनाकर ग्रामीणों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिले में मनरेगा के अंतर्गत संचालित ये कार्य न केवल जल संरक्षण को सुदृढ़ कर रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।


















