अमेरिका का सबसे बड़ा युद्धपोत ‘यूएसएस गेराल्ड फोर्ड
वाशिंगटन ,14 फरवरी । अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही तनातनी अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। दोनों देशों के बीच वार्ता जारी रहने के बावजूद तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह अपने सबसे विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर को पूरे लाव-लश्कर के साथ मध्य पूर्व के अहम क्षेत्र में भेज रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कई बार सैन्य कार्रवाई के भी स्पष्ट संकेत दिए हैं।
समझौता नहीं हुआ तो पड़ेगी जरूरत: डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस गेराल्ड आर फोर्डÓ की तैनाती को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह युद्धपोत कुछ ही देर में अपने मोर्चे के लिए रवाना होने वाला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान के साथ कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका को इसकी सख्त जरूरत पड़ेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला में एक सैन्य अभियान को अंजाम देने गया यूएसएस गेराल्ड फोर्ड अब वहां से सीधे फारस की खाड़ी और अरब सागर क्षेत्र की ओर कूच कर चुका है।
ईरान में विरोध प्रदर्शन और वार्ता में गतिरोध से बढ़ी तनातनी
ईरान में हाल ही में हुए भारी विरोध प्रदर्शन और उसके बाद सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई द्वारा प्रदर्शनकारियों के बर्बर दमन के बाद दोनों देशों के बीच कड़वाहट और अधिक बढ़ गई है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान उसकी शर्तों को नहीं मानता है, तो उसे इसके बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पिछले सप्ताह ओमान में दोनों देशों के बीच हुई अप्रत्यक्ष बातचीत में कोई खास नतीजा नहीं निकलने के बाद वाशिंगटन में काफी असंतोष है। यह भी माना जा रहा है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई लंबी चर्चा के बाद ही राष्ट्रपति ट्रंप ने यह अहम कदम उठाया है।
अरब सागर में अमेरिका का अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला ईरान के साथ परमाणु वार्ता में आए गतिरोध और क्षेत्रीय अस्थिरता को देखते हुए वाशिंगटन की सैन्य ताकत दिखाने के मकसद से लिया गया है। गाइडेड मिसाइलों से लैस ‘यूएसएस अब्राहम लिंकनÓ पहले से ही अरब सागर में मोर्चा संभाले हुए है। गौरतलब है कि पिछले ही हफ्ते इसी युद्धपोत से ईरान के एक ड्रोन को मार गिराया गया था। अब यूएसएस गेराल्ड फोर्ड के इस बेड़े में शामिल होने से इस क्षेत्र में अमेरिका की नौसैनिक ताकत में अभूतपूर्व इजाफा होगा। इस भारी-भरकम तैनाती में गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक और निगरानी विमान भी शामिल हैं, जिससे ईरान पर एक साथ कूटनीतिक और सैन्य दबाव चरम पर पहुंच जाएगा।
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