-सिंधी अध्ययन केंद्र में कौशल विकास कार्यशाला के चौथे दिन सिंधी कढ़ाई का प्रशिक्षण
अयोध्या ,14 फरवरी (आरएनएस)। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय स्थित अमर शहीद संत कंवरराम साहिब सिंधी अध्ययन केंद्र में सात दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम जारी है। शनिवार को कार्यशाला के चौथे दिन विद्यार्थियों को पारंपरिक सिंधी शिल्प की बारीकियों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के संयोजक एवं सिंधी केंद्र के मानद निदेशक प्रो. अनूप कुमार के कुशल निर्देशन में आयोजित आज के सत्र का मुख्य विषय सिंधी कढ़ाई रही। कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रो. अनूप कुमार ने कहा कि वर्तमान युग केवल डिग्रियों का नहीं, बल्कि कौशल का है। उन्होंने अपने विचारों में कहा कि सिंधी कढ़ाई मात्र धागों का खेल नहीं, बल्कि एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है ताकि यह लुप्त न हो एवं इस तरह के हुनर सीखकर विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ सीखते हुए कमाना के सिद्धांत पर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि हस्तशिल्प और सिंधी कढ़ाई वाले वस्त्रों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बहुत अधिक है। यदि विद्यार्थी इसमें निपुणता हासिल करते हैं, तो वे एक सफल उद्यमी के रूप में उभर सकते हैं। कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञ शालिनी पांडेय और रेखा खत्री ने विद्यार्थियों को टांके लगाने की तकनीक और डिजाइनिंग सिखाई। प्रशिक्षण को दो सत्रों में संपन्न किया गया। आयोजन समिति के सदस्य प्रतिभा त्रिपाठी, विनीता मोटवानी, प्रतीक तिवारी, योगेश, क्षितिज द्विवेदी ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन में योगदान दिया। यह कार्यशाला 17 फरवरी, 2026 तक जारी रहेगी, जिसमें विभिन्न अन्य कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है।
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