16 महीने बाद भी फरार, कंपनी बनाकर ठगे गए थे शहर के हजारों लोग
प्रयागराज 18 फरवरी (आरएनएस)। रकम दोगुना करने का झांसा देकर शहर के हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के चर्चित मामले में नामजद आरोपी आदिल वसी पर शाहगंज थाने में कोर्ट के आदेश की अवमानना (कंटेम्प्ट) से जुड़ा एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। ज्ञात हो कि आदिल 16 महीने बाद भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। कोर्ट के आदेश के चार महीने बीत जाने के बावजूद उसने सरेंडर नहीं किया।
यह हाई प्रोफाइल ठगी का मामला साल 2024 में सामने आया था। अक्टूबर 2024 में करेली निवासी अब्दुल शाहिद की ओर से शाहगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शाहगंज निवासी दो भाई मोहम्मद काशिफ और मोहम्मद आसिफ ने अपने संरक्षक, शहर के मशहूर पटाखा कारोबारी कादिर के साथ मिलकर एक कंपनी बनाकर लोगों को रकम दोगुना करने का लालच दिया।
आरोप है कि हजारों लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए गए और बाद में कंपनी के कार्यालय पर ताला लगाकर आरोपी फरार हो गए। आरोप है कि हजारों लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए गए और बाद में कंपनी के कार्यालय पर ताला लगाकर आरोपी फरार हो गए।
एफआईआर में शाहगंज की हम्माम गली निवासी आदिल वसी को भी नामजद किया गया था। पीडि़तों का आरोप है कि ठगी के इस पूरे खेल में काशिफ, आसिफ और कादिर के साथ आदिल वसी ने सक्रिय सहयोग किया। उसने लोगों को कंपनी में मोटी रकम निवेश कराने के लिए प्रेरित किया और बाद में खुद भी गायब हो गया।
पुलिस के मुताबिक लगातार तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 9 अक्टूबर को पुलिस ने उसके घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया और मुनादी कराई कि तय अवधि में कोर्ट में पेश न होने पर संपत्ति कुर्क की जाएगी। शाहगंज थाने में तैनात दरोगा आजाद कुमार की तहरीर पर आदिल वसी के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद आरोपी ने हाजिरी नहीं दी, जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है।
थानाध्यक्ष कपिल कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही कुर्की की कार्रवाई के लिए कोर्ट से अनुमति ली जाएगी। ज्ञात हो कि इस मामले में पटाखा कारोबारी कबीर और उसके दोनों भतीजे काशिफ व आसिफ को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कबीर शहर का चर्चित कारोबारी रहा है और पूर्व में व्यापार मंडल से भी जुड़ा रहा। वह खुद को आम आदमी पार्टी का पदाधिकारी भी बताता था।
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