मंदसौर, आरएनएस, 18 फरवरी। मध्य प्रदेश के उज्जैन की लोकायुक्त पुलिस ने नामांतरण के नाम से 30 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए मंदसौर के पटवारी को आज रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी ने नामांतरण काम के लिए फरियादी किसान से 40 हजार रूपये की रिश्वत कि मांग की थी। आरोपी पटवारी फरियादी से दो दिन पूर्व दस हजार की रिश्वत ले चुका था।
उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि दो दिन पूर्व सोमवार को फरियादी दिनेश चंद्र जोशी निवासी ग्राम धलपत तहसील सुवासरा जिला मंदसौर ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन को शिकायत की थी कि उसके बड़े भाई स्व भगवती प्रसाद को कोई संतान नहीं थी, उन्होंने उसके लड़के आनंद जोशी को गोद लेकर दत्तक पुत्र बनाया था। भाई भगवती प्रसाद के नाम पर दर्ज कृषि भूमि का नामांतरण उनके दत्तक पुत्र आनन्द के नाम से करवाने के कार्य के लिए वह हल्का पटवारी हरीश पाटीदार से मिला तो पटवारी ने नामांतरण कार्य के लिए 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है।
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त भोपाल मध्य प्रदेश के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन के मार्गदर्शन में निरीक्षक राजेंद्र वर्मा के नेतृत्व में लोकायुक्त दल ने फरियादी की शिकायत की जांच कर पटवारी को ट्रैप करने की योजना बनाई। आज बुधवार को जैसे ही पटवारी ने फरियादी से 30 हजार की रिश्वत ली, वैसे ही लोकायुक्त दल ने पटवारी हरीश पाटीदार को तहसील कार्यालय सुवासरा को रंगे हाथो पकड़ लिया। फरियादी के अनुसार आरोपी पटवारी 10 हजार रुपये की रिश्वत दो दिन पूर्व शिकायत वाले दिन ले चूका था।
रिश्वतखोर पटवारी को गिरफ्तार करने में लोकायुक्त दल के निरीक्षक राजेंद्र वर्मा, आरक्षक उमेश जाटव, आरक्षक विशाल रेशमिया, आरक्षक नेहा मिश्रा, आरक्षक हितश ललावत, आरक्षक इसरार का सराहनीय योगदान रहा।
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