हरिद्वार,19 फरवरी (आरएनएस)। लालढांग न्याय पंचायत में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारÓ शिविर में ग्रामीणों ने जंगली जानवरों के आतंक, गंदे पानी की निकासी, राशन कार्ड और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद रहने जैसी 58 शिकायतें दर्ज की गईं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। गुरुवार को आयोजित शिविर में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान ने संबंधित विभागों को शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान रसूलपुर कमलेश द्विवेदी ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालढांग बंद रहने से स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मेले में स्टाफ की तैनाती होने से स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटक जाता है और मरीजों को उपचार के लिए हरिद्वार जाना पड़ता है। उन्होंने ओपीडी समय बढ़ाने की मांग भी उठाई। चमरिया निवासी विजेंद्र सैनी ने बुक्सा जनजाति के लोगों के दस्तावेजों से जाति हटाए जाने का मामला उठाते हुए जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। वहीं लालढांग निवासी सुमन देवी ने खेत में बस्ती का गंदा पानी आने की शिकायत दर्ज कराई। अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान ने सभी मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और जनजातीय दस्तावेजों से संबंधित प्रकरण में विशेष जांच कराने की बात कही। शिविर में पहुंचीं हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि सरकार को शिविरों में प्राप्त शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान देते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना चाहिए। उप वन प्रभागीय अधिकारी पूनम कैंथोला ने वन विभाग से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए रेंज अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए।
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