भोपाल 19 फरवरी (आरएनएस)।मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को अदाणी के मुद्दे पर चर्चा के दौरान सदन में तीखी नोकझोंक हो गई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर 25 साल में एक से सवा लाख करोड़ रुपए अदाणी को देने की तैयारी में है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आरोपों के सबूत मांगे। बहस बढऩे पर विजयवर्गीय ने सिंघार से औकात में रहने की टिप्पणी कर दी, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
करीब 40 मिनट के व्यवधान के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज दुर्भाग्य से असहज स्थिति बन गई..दोनों पक्षों ने सदा अच्छा प्रदर्शन किया है। आज असहज स्थिति बनी। मुझे पटवा जी की बात याद आती है कि गुस्सा दिखे लेकिन गुस्सा दिखाई न दे शब्दों में।आज जो स्थिति बनी उसका मुझे रंज है। बेहद रंज है।इस स्थिति के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों ही जिम्मेदार हैं।संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की सीमा टूटी है। वो अनुभवी हैं। लेकिन यह भी आश्चर्य की बात है।
विवाद के बाद विजयवर्गीय ने कहा कि उनके 37 साल के राजनीतिक अनुभव में ऐसा कम हुआ है। आज मैं खुद अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हूं। जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अगर मर्यादा नहीं रखेंगे तो बाकी सदस्य कैसे रखेंगे? उन्होंने कहा, मैं उमंग को प्यार करता हूं, अपने व्यवहार से दुखी हूं।
हेमंत कटारे ने स्पष्ट खेद की मांग की, जबकि लखन घनघोरिया ने भविष्य में ऐसी स्थिति न बने इसकी व्यवस्था की बात कही। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मंत्री ने दुख व्यक्त कर दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का पटाक्षेप करते हुए कहा, जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हैं तो उसके लिए मैं माफी मांगता हूं।
इस पर उमंग सिंघार ने कहा, मुख्यमंत्री ने जो भाव दिखाया, उसका सम्मान करता हूं। मैं चार बार का विधायक हूं, संसदीय शब्दावली का ध्यान रखता हूं। अगर मेरी ओर से कुछ हुआ है तो मैं भी खेद व्यक्त करता हूं। इसके बाद अध्यक्ष ने दोनों पक्षों का आभार जताया और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा आगे बढ़ाई।

