श्रीनगर ,21 फरवरी (आरएनएस)। जम्मू-कश्मीर में शांति का माहौल बिगाडऩे की ताक में बैठे आतंकियों के मंसूबों पर सुरक्षाबलों ने एक बार फिर करारा प्रहार किया है। घाटी में दहशत फैलाने की एक बड़ी और खौफनाक साजिश को उस वक्त पूरी तरह से नाकाम कर दिया गया, जब मुस्तैद जवानों ने गांदरबल जिले में एक शक्तिशाली विस्फोटक (आईईडी) को समय रहते बरामद कर लिया। सुरक्षाबलों की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई से न केवल एक भयानक आतंकी हमला टल गया, बल्कि कई निर्दोष लोगों और जवानों की जान भी बच गई। खतरे की गंभीरता को देखते हुए घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
सफापोरा मार्ग पर यातायात ठप, बम निरोधक दस्ते ने संभाला मोर्चा
सुरक्षा अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह संदिग्ध आईईडी गांदरबल-सफापोरा मुख्य मार्ग पर प्लांट किया गया था, जहां से अक्सर अहम मूवमेंट होते हैं। गश्त के दौरान सतर्क जवानों की पैनी नजर इस विस्फोटक पर पड़ गई, जिसके बाद पूरे महकमे में तुरंत अलर्ट जारी कर दिया गया। खतरे को भांपते हुए सुरक्षाबलों ने एहतियातन इस व्यस्त सड़क पर दोनों तरफ से यातायात की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया और इलाके की कड़ी घेराबंदी कर ली। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) फौरन मौके पर पहुंच गया और बेहद सावधानी के साथ इस घातक विस्फोटक को निष्क्रिय (डिफ्यूज) करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
वीआईपी और सुरक्षाबलों के काफिले थे आतंकियों के निशाने पर
घाटी में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के पीछे आतंकियों की एक सोची-समझी और कायराना रणनीति नजर आ रही है। सुरक्षा अधिकारियों का स्पष्ट रूप से मानना है कि आतंकवादी इस तरह के आईईडी का इस्तेमाल मुख्य रूप से वीआईपी मूवमेंट, स्थानीय पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षाबलों के गुजरने वाले काफिलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने के लिए कर रहे हैं। व्यस्त सड़कों और राजमार्गों के किनारे गुपचुप तरीके से विस्फोटक छिपाकर वे बड़े पैमाने पर खून-खराबा करने की ताक में रहते हैं, लेकिन भारतीय जवानों की चौबीसों घंटे की अचूक चौकसी उनके हर नापाक इरादे को मिट्टी में मिला रही है।
चार दिन के भीतर घाटी में तीसरी बार मिला जानलेवा विस्फोटक
जम्मू-कश्मीर में बम मिलने का यह सिलसिला लगातार जारी है और पिछले महज चार दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार, 20 फरवरी को भी बारामूला जिले के जांबाजपोरा इलाके में सुरक्षाबलों ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए एक आईईडी बरामद कर उसे सुरक्षित तरीके से नष्ट किया था। वहीं, 18 फरवरी को भी श्रीनगर-बारामूला राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क किनारे ऐसा ही एक शक्तिशाली विस्फोटक मिलने से भारी हड़कंप मच गया था। उस वक्त भी बम निरोधक दस्ते ने त्वरित एक्शन लेते हुए एक भयानक आतंकी वारदात को टाल दिया था। लगातार मिल रहे इन विस्फोटकों के बाद पूरे क्षेत्र में गश्त और तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं।
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