सोनपुर 22 Feb, (Rns): बिहार के सोनपुर से स्वास्थ्य व्यवस्था की घोर लापरवाही और अमानवीयता को उजागर करने वाला एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के अनुमंडलीय अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई एक स्वस्थ गर्भवती महिला को अस्पताल कर्मियों ने गलत जांच रिपोर्ट के आधार पर एचआईवी (HIV) पॉजिटिव बता दिया और उसे छूने तक से साफ इनकार कर दिया। दर्द से कराहती रही इस महिला के साथ हुए इस दुर्व्यवहार के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में भारी हंगामा मच गया। यह पूरी घटना सरकारी अस्पतालों में मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और जांच की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
दर्द से तड़पती रही गर्भवती, पास नहीं फटके स्वास्थ्यकर्मी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नयागांव थाना क्षेत्र की रहने वाली यह गर्भवती महिला अपनी नियमित जांच के लिए पहले भी कई बार इसी अस्पताल में आ चुकी थी। शनिवार सुबह जब उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो घबराए हुए परिजन उसे तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन यहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने जांच के बाद उसे एचआईवी संक्रमित घोषित कर दिया और डिलीवरी कराने से स्पष्ट मना कर दिया। महिला दर्द से तड़पती रही और उसके परिवार वाले लगातार डॉक्टरों और नर्सों से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन संक्रमण के कथित डर से कोई भी कर्मचारी उसके पास फटकने को तैयार नहीं हुआ।
हंगामे के बाद आशा और परिजनों ने कराया सुरक्षित प्रसव
अस्पताल प्रशासन के इस अमानवीय रवैये को देखकर परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर बवाल काटना शुरू कर दिया। हंगामे की खबर फैलते ही वहां भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति बेकाबू होने लगी। हालात बिगड़ते देख आखिरकार अस्पताल की आशा, ममता कार्यकर्ताओं और परिवार की अन्य महिलाओं ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने तुरंत महिला को डिलीवरी रूम के भीतर ले जाकर सुरक्षित प्रसव कराया, जहां उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
निजी लैब की रिपोर्ट से खुली सरकारी व्यवस्था की पोल
इस पूरे विवाद के बीच, जब परिजनों को अस्पताल के तकनीशियन की रिपोर्ट पर शक हुआ, तो उन्होंने तुरंत बाहर की एक निजी पैथोलॉजी लैब से महिला की दोबारा जांच करवाई। इस प्राइवेट लैब की रिपोर्ट ने सरकारी अस्पताल के दावों की पूरी तरह से पोल खोल दी, क्योंकि उसमें महिला की एचआईवी रिपोर्ट बिल्कुल नेगेटिव आई थी। इस गंभीर लापरवाही पर अनुमंडलीय चिकित्सालय की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम सिंह ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने अपनी गलती मानते हुए कहा कि संबंधित कर्मचारियों को इस घोर लापरवाही के लिए कड़ी फटकार लगाई गई है और एक स्वस्थ महिला के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार बिल्कुल नहीं होना चाहिए था।

