रुद्रपुर,22 फरवरी (आरएनएस)। आईजी कारागार करण सिंह नागन्याल ने शनिवार शाम केंद्रीय कारागार सितारगंज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कारागार परिसर की व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। उन्होंने कैदियों की आत्मनिर्भरता को सराहा। आईजी नागन्याल ने सेंट्रल जेल और संपूर्णानंद शिविर का दौरा किया। यहां बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मिंडा कॉरपोरेशन के सहयोग से 60 बंदी दो वाहन कंपनियों के लिए वायर हार्नेस निर्माण कार्य में लगे हैं। इसके अलावा कारागार में संचालित दर्जी इकाई, लोहार इकाई, बढ़ईगीरी इकाई, नर्सरी और मिट्टी के गमलों के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। जेल परिसर में बंदियों द्वारा जैविक सब्जियां भी उगाई जा रही हैं। आईजी ने कारागार में स्थापित ‘रेडियो कक्षÓ का अवलोकन किया, जहां बंदियों की फरमाइश पर गीत प्रसारित किए जाते हैं। उन्होंने रसोईघर एवं कारागार बेकरी की स्वच्छता, गुणवत्ता और पोषण स्तर की विशेष सराहना की। आईजी ने इन प्रयासों को नवाचारपूर्ण और सुधारात्मक दिशा में अनुकरणीय बताते हुए कहा कि सितारगंज कारागार ने सुधार की दिशा में नई ऊंचाई हासिल की है, जहां अनुशासन और आत्मनिर्भरता का आदर्श संगम देखने को मिलता है। इसके लिए जेल अधीक्षक की सराहना की। वरिष्ठ अधीक्षक अनुराग मलिक ने बंदियों के व्यक्तित्व विकास और पुनर्वास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान जेलर प्यारे लाल आर्या सहित अन्य अधिकारी और जेलकर्मी उपस्थित रहे। आईजी ने बंदी कल्याणकारी कैंटीन भवन का किया लोकार्पण निरीक्षण के दौरान आईजी करण सिंह नागन्याल ने आधुनिक बंदी कल्याणकारी कैंटीन भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि अब बेकरी को अधिक स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण में संचालित किया जा सकेगा, जिससे केक, पेस्ट्री, सैंडविच, बन और पेटीज जैसे उत्पाद अधिक स्वच्छ तरीके से तैयार किए जा सकेंगे। कारागार में बंदियों की समस्याएं सुनीं निरीक्षण के बाद आईजी नागन्याल ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बंदियों को सकारात्मक सोच और आत्म-संवर्धन की दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधीक्षक अनुराग मलिक के नेतृत्व में सितारगंज कारागार सुधार और नवाचार का केंद्र बन चुका है। यहां अनुशासन, स्वच्छता और मानवीय संवेदना का समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने जेल कर्मियों को उनके अनुशासन, तत्परता और सेवा-भाव के लिए बधाई देते हुए आश्वस्त किया कि बंदियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।

