नई दिल्ली,23 फरवरी (आरएनएस)। राजधानी दिल्ली में अवैध नशीली और नकली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच एएनटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के पटना के पास संचालित नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि यह इस नेटवर्क पर लगातार तीसरी बड़ी चोट है और इस एक्शन से अंतरराज्यीय नारकोटिक्स/साइकोट्रॉपिक गिरोह लगभग पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर है.
डीसीपी के अनुसार एफआईआर संख्या 273/25, धारा 22 एनडीपीएस एक्ट, थाना क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी अरुण से पूछताछ में बृजेश नामक व्यक्ति का खुलासा हुआ, जो नकली दवाएं और सिरप तैयार कर बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहा था. इसके बाद इंस्पेक्टर नितेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने पटना पहुंचकर बृजेश को ट्रेस किया. स्थानीय ड्रग विभाग को साथ लेकर फैक्ट्री पर छापा मारा गया.
जांच में पाया गया कि यूनिट बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रही थी और वहां अनिवार्य मैन्युफैक्चरिंग व एनालिटिकल केमिस्ट भी मौजूद नहीं थे. मौके से भारी मात्रा में क्लावम-25 की 590 स्ट्रिप, 30 हजार से अधिक एम-मॉक्सी टैबलेट, 53 हजार से ज्यादा एम्बिसेट टैबलेट, 10 हजार विक्स एक्शन टैबलेट, 8-8 हजार ट्रिप्सिन और ओमेज कैप्सूल (एक्सपायर्ड), बिना लेबल का कोडीन सिरप समेत 20 से अधिक प्रकार की टैबलेट व सिरप बरामद किए गए. इसके अलावा इंडस्ट्रियल स्टिरर, ड्रम, खाली पेट बोतलें, कैप और पैकिंग-लेबलिंग सामग्री भी जब्त की गई.
डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाएं मिलने से आशंका है कि इन्हें दोबारा पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था. अब तक इस पूरे ऑपरेशन में 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और 13 किलो से अधिक ट्रामाडोल पाउडर व 500 ग्राम से ज्यादा अल्प्राजोलम बरामद किया गया है. उन्होंने कहा कि जो लोग जनता की सेहत से खिलवाड़ करेंगे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. एएनटीएफ आगे भी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.
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