रायगढ़ 26 मई (आरएनएस) महज 2 महीने 4 दिन में अदालत ने ऐसा फैसला सुनाया कि अवैध शराब कारोबारियों में खलबली मच गई, रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन आघात” के तहत पकड़े गए आरोपी को कोर्ट ने एक साल के सश्रम कारावास और ₹25 हजार जुर्माने की सजा सुनाकर साफ कर दिया कि अब जिले में नशे का कारोबार करने वालों की जगह सीधे जेल होगी। रायगढ़ जिले के थाना घरघोड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घरघोड़ी निवासी आरोपी कन्हैया लाल डनसेना पिता स्वर्गीय रामनाथ डनसेना उम्र 31 वर्ष को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी घरघोड़ा श्री दामोदर प्रसाद चंद्रा की अदालत ने आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत दोषी ठहराया। मामला थाना घरघोड़ा के अपराध क्रमांक 93/2026 से जुड़ा है, जिसमें 15 मार्च 2026 को थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में घरघोड़ा पुलिस टीम ने गांव में दबिश देकर आरोपी के कब्जे से 70 लीटर महुआ शराब बरामद की थी। जब्त शराब की कीमत करीब ₹10,500 बताई गई। पुलिस ने मौके पर गवाहों की मौजूदगी में शराब जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया और आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया। पूरे मामले की विवेचना प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक ने की, जिन्होंने जांच के दौरान 6 गवाहों के बयान दर्ज किए और 11 दस्तावेज व आर्टिकल दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सत्यप्रकाश महिलाने ने प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य पेश किए। न्यायालय ने गवाहों के बयान, बरामदगी और दस्तावेजी साक्ष्यों को प्रमाणित मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और एक वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ₹25,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इसे “ऑपरेशन आघात” की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि अवैध शराब कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस लगातार मजबूत कार्रवाई करेगी और हर आरोपी को कानून के दायरे में लाकर कठोर सजा दिलाई जाएगी। इस फैसले के बाद जिले में अवैध शराब कारोबारियों के बीच दहशत का माहौल है और पुलिस का संदेश साफ है—अब नशे के धंधे का अंत सीधे सलाखों के पीछे होगा।
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