वाशिंगटन,26 मई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता के बीच ईरान के परमाणु धूल यानी संवर्धित यूरेनियम को नष्ट करने की बात कही है। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया ट्रुथ पर कहा कि ईरान के पास जो परमाणु धूल है, उसे नष्ट करने के लिए अमेरिका को सौंप दिया जाए या फिर ईरान खुद मिलकर उसे अन्य स्वीकार्य जगह पर नष्ट करे। ट्रंप ने इस काम के लिए परमाणु ऊर्जा आयोग से मदद लेने की बात कही है।
ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा, संवर्धित यूरेनियम (परमाणु धूल!) को या तो तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाएगा, ताकि उसे वापस लाकर नष्ट किया जा सके या, बेहतर तो यह होगा कि ईरान के साथ मिलकर और उनके समन्वय से, उसे उसी जगह पर—या किसी अन्य स्वीकार्य स्थान पर—नष्ट कर दिया जाए। इस पूरी प्रक्रिया के गवाह के तौर पर परमाणु ऊर्जा आयोग या उसके समकक्ष कोई संस्था मौजूद रहे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य पूर्व में शत्रुता समाप्त करने के लिए अमेरिका-ईरान में समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को 30 दिनों के लिए खोल दिया जाएगा। इस अवधि में ईरान समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों को हटा देगा, जिससे कई देशों के लिए तेल आपूर्ति ले जाने वाले जहाजों के आवागमन का मार्ग प्रशस्त होगा। युद्ध की शुरुआत से ही इस जलमार्ग से जहाजों को गुजरने में कठिनाई हो रही है, जिससे दुनिया में ऊर्जा संकट बढ़ रहा है।
अमेरिका के साथ संघर्ष को समाप्त करने लिए ईरानी संसद के अध्यक्ष और मुख्या शांति वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ के नेतृत्व में एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल दोहा पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल तमाम संभावनाओं पर कतर के वरिष्ठ अधिकारियों से परामर्श करेगा। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी वार्ता में भाग लेंगे। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को युद्धविराम हुआ था और तब से यह लागू है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से हमले और धमकियां जारी हैं।
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