देहरादून,24 फरवरी (आरएनएस)। परमाणु ऊर्जा अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी)मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रो. आरसी रमोला को रेडॉन-थोरॉन अनुसंधान में दीर्घकालिक योगदान को देखते हुए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया गया है। प्रो.आरसी रमोला हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बादशाही थौल टिहरी परिसर में पर्यावरणीय विकिरण भौतिकी में कार्यरत हैं। उन्हें यह सम्मान 20-21 फरवरी को परमाणु ऊर्जा अनुसंधान केंद्र, मुंबई में आयोजित “एनवायरनमेंटल रेडॉन एंड इट्स एप्लिकेशन्स” राष्ट्रीय सेमिनार के दौरान प्रदान किया गया। सम्मेलन में प्रो. रमोला आमंत्रित वक्ता के रूप में शामिल हुए जहां उन्होंने भारत में रेडॉन-थोरॉन मॉनिटरिंग का राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य विषय पर व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने देश में पर्यावरणीय रेडॉन-थोरॉन निगरानी की वर्तमान स्थिति, तकनीकी चुनौतियों, मानकीकरण पर प्रकाश डाला। उनका कहना है कि ये एक पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। रेडॉन और थोरॉन जैसे रेडियोधर्मी गैसों का पर्यावरण में प्रसार मानव स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है। प्रो. रमोला का शोध कार्य हिमालयी क्षेत्रों सहित विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में रेडॉन की उपस्थिति, उसकी मापन तकनीकों तथा जोखिम मूल्यांकन पर केंद्रित रहा है। उनके अध्ययनों ने न केवल वैज्ञानिक समुदाय को दिशा दी है, बल्कि नीति-निर्माताओं के लिए भी उपयोगी वैज्ञानिक आधार उपलब्ध कराया है।
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