भोपाल 25 फरवरी (आरएनएस)।मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन भाजपा विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने प्रदेश में बढ़ती आगजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए फायर सेफ्टी कानून और नियमित ऑडिट व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि आग लगने से केवल घर और प्रतिष्ठान ही नहीं, बल्कि लोगों का विश्वास, सपने और जीवन भी प्रभावित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि आगजनी की घटनाओं में मिलने वाला मुआवजा बहुत कम होता है, जिससे पीडि़तों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पाती। उन्होंने इस व्यवस्था को लागू करने की समय सीमा तय करने की मांग की।
नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब में कहा कि प्रदेश में इस दिशा में व्यवस्था लागू है और केंद्र सरकार के मॉडल फायर एक्ट के आधार पर मध्य प्रदेश में कानून बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले इस संबंध में बैठक हुई थी और अगले तीन महीने में इस पर निर्णय की स्थिति बन जाएगी।
डॉ. अभिलाष पांडे ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में तेजी से कॉलोनियों का विस्तार हो रहा है, लेकिन फायर स्टेशन शहर के केंद्र में होने के कारण दूरस्थ इलाकों तक पहुंचने में आधे घंटे से अधिक समय लग जाता है। उन्होंने दूर-दराज क्षेत्रों में नए फायर स्टेशन बनाने की मांग की।
इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस दिशा में काम चल रहा है और इस पर बैठकों में चर्चा भी हुई है। उन्होंने कहा कि एक फायर स्टेशन तीन महीने में शुरू किया जा सकता है, लेकिन पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में एक वर्ष तक का समय लग सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ी 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच सके।

