बुरहानपुर 25 फरवरी (आरएनएस)।मध्यप्रदेश के नगरीय विकास और सुशासन के प्रयासों को आज राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिल रही है। नई दिल्ली में आयोजित ‘बिल्ड इंडिया इंफ्रा अवॉड्र्स 2026Ó समारोह में मध्यप्रदेश नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम, ‘मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनीÓ की बुरहानपुर जल प्रदाय परियोजना को ‘सोशल इंपैक्ट एक्सीलेंस ऑफ द ईयरÓ की प्रतिष्ठित श्रेणी में सम्मानित किया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की गरिमामयी उपस्थिति में जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी की ओर से मुख्य अभियंता शैलेन्द्र शुक्ला एवं तकनीकी अधिकारी कमलेश भटनागर द्वारा यह सम्मान प्राप्त किया गया।इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक सहित भारत सरकार के पूर्व सचिव डी.एस. मिश्रा और सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस राघव चंद्रा उपस्थित रहे।
विश्व बैंक के वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग से पल्लवित यह परियोजना बुरहानपुर के शहरी जनजीवन में आमूलचूल परिवर्तन का संवाहक बनी है। परियोजना की तकनीकी सुदृढ़ता का अनुमान इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि यहाँ 50 एमएलडी क्षमता का एक अत्याधुनिक जलशोधन संयंत्र स्थापित किया गया है। इसमें जल को फिल्ट्रेशन, क्लोरीनेशन और परिष्कृत वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से पूर्णत: निरापद और स्वास्थ्यवर्धक बनाया जाता है। जल की गुणवत्ता और निर्बाध आपूर्ति की चौबीस घंटे निगरानी के लिये अत्याधुनिक ‘स्काडाÓ प्रणाली और एक उच्च स्तरीय वॉटर टेस्टिंग लैब का भी समावेश किया गया है। वितरण व्यवस्था को नवीन स्वरूप देते हुए शहर में 8 नवीन ओवरहेड टैंकों और सुदृढ़ पाइप नेटवर्क का जाल बिछाया गया है, जिससे पुराने और जर्जर वितरण तंत्र से होने वाले जल के अपव्यय पर पूर्णत: अंकुश लगा है।
सामाजिक सरोकारों और लोक-कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध इस योजना के अंतर्गत लगभग 41 हजार परिवारों को मीटरयुक्त नल कनेक्शनों के माध्यम से जोड़ा गया है। वर्तमान में बुरहानपुर के प्रत्येक नागरिक को प्रतिदिन औसतन 135 लीटर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जो समान और न्यायपूर्ण वितरण प्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रबंध संचालक श्री संकेत भोंडवे और अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री दिव्यांक सिंह ने इस उपलब्धि को समूची टीम की कर्तव्यनिष्ठा और नवाचार के प्रति समर्पण का प्रतिफल बताया है। मुख्य अभियंता शैलेन्द्र शुक्ला के अनुसार, यह पुरस्कार न केवल परियोजना के प्रभावी प्रबंधन की स्वीकारोक्ति है, अपितु मध्यप्रदेश में शहरी अधोसंरचना के क्षेत्र में अपनाए जा रहे आधुनिक प्रतिमानों और सतत विकास के संकल्प की विजय भी है। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि प्रदेश की जल प्रबंधन नीतियों को राष्ट्रीय पटल पर एक आदर्श के रूप में स्थापित करती है।

