सुल्तानपुर,28 फरवरी (आरएनएस)। जिला समन्वय समिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे ओम प्रकाश राजभर ने दिल्ली शराब घोटाले में आए कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीबीआई, ईडी और अन्य स्वतंत्र एजेंसियों को यदि शिकायत मिलती है तो वे जांच करती हैं। इसमें सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि एजेंसी ही मुकदमा दर्ज करती है, एजेंसी ही जांच करती है और यदि सबूत नहीं मिल पाते तो यह एजेंसी की जिम्मेदारी है, सरकार की नहीं। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और वे इसके पक्षधर हैं। शराब घोटाले के फैसले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा दिए गए नैतिक मृत्युदंड वाले बयान पर राजभर ने पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता से बाहर होने पर लोग इस तरह के बयान देते हैं। उन्होंने 1990 के शंकराचार्य प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लाठीचार्ज किसकी सरकार में हुआ था। सत्ता में रहने वाला व्यक्ति संविधान की शपथ लेकर कार्य करता है और उसी के अनुसार कार्रवाई होती है। शंकराचार्य प्रकरण से सनातन धर्म को नुकसान होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इससे सनातन को कोई नुकसान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में भी शंकराचार्य के खिलाफ केस दर्ज हुआ था और लाठीचार्ज हुआ था। धर्मगुरुओं का कार्य अपने धर्म का प्रचार-प्रसार करना और लोगों को उससे जोडऩा है, न कि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के खिलाफ बयानबाजी करना। पंचायत चुनाव को लेकर फैली भ्रम की स्थिति पर उन्होंने स्पष्ट किया कि मतपत्र छपकर जिलों में भेजे जा चुके हैं। 15 अप्रैल को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है, अधिकारी उसी में व्यस्त हैं। साथ ही परीक्षाएं और जनगणना का कार्य भी सामने है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंचायत चुनाव समय पर ही कराए जाएंगे।
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