स्थानीय रोजगार, तालाब संरक्षण व सुविधाओं की मांग, 9 मार्च को घेराव
बाराबंकी 2 मार्च (आरएनएस )। सोमवार को बाराबंकी-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित शहाबपुर टोल प्लाजा प्रबंधन पर मनमानी और शोषण का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने आंदोलन की चेतावनी दी है। भाकियू के बंकी ब्लॉक अध्यक्ष रामानंद ने बाराबंकी के अपर जिलाधिकारी को पत्र लिखकर 9 मार्च 2026 को ‘घेरा डालो-डेरा डालोÓ आंदोलन शुरू करने की पूर्व सूचना दी है। ज्ञापन में कहा गया है कि किसानों ने सड़क निर्माण के लिए अपनी उपजाऊ भूमि कम मुआवजे पर इस भरोसे के साथ दी थी कि इससे आवागमन सुगम होगा और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। हालांकि, टोल प्लाजा की स्थापना के बाद से ही उत्पीडऩ की सीमाएं पार की जा रही हैं। किसानों का आरोप है कि टोल पर वर्षों से कार्यरत स्थानीय कर्मचारियों को हटाकर बाहरी स्टाफ नियुक्त किया गया है, जबकि दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थानीय स्टाफ की अनिवार्यता है। इसके अतिरिक्त, ग्राम शहाबपुर स्थित जलमग्न भूमि/तालाब (गाटा संख्या 2206 ख) के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ कर वहां टोल कार्यालय बनाया गया है, जो नियमों का उल्लंघन है। भाकियू ने इस तालाब को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। अन्य शिकायतों में टोल प्लाजा पर शौचालयों का अक्सर बंद रहना, सर्विस लेन का न खुलना, धर्मकांटा का खराब रहना, एम्बुलेंस और क्रेन जैसी आपातकालीन सुविधाओं का अभाव और टोल कर्मियों द्वारा वाहन चालकों से अभद्रता शामिल हैं। भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो 9 मार्च को टोल कार्यालय पर आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी टोल प्रबंधन और प्रशासन की होगी।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

