अंबिकापुर, 03 मार्च (आरएनएस)। होली के अवसर पर जहां आमतौर पर रंग और उल्लास का वातावरण रहता है, वहीं अंबिकापुर क्षेत्र के करजी गांव में एक अलग ही परंपरा देखने को मिली। यहां होलिका दहन के बाद श्रद्धालु दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलते नजर आए। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह परंपरा कई वर्षों से निभाई जा रही है। होलिका की आग शांत होने के बाद जब लकडिय़ां अंगारों में बदल जाती हैं, तब गांव के लोग क्रमवार उन पर चलते हैं। ग्रामीण इसे अपनी आस्था और देवी की कृपा से जोड़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अंगारों पर चलने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की जलन या गंभीर चोट का अनुभव नहीं होता। इस आयोजन के बाद लोग मंदिर पहुंचकर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। इस परंपरा को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग करजी पहुंचते हैं। पूरे आयोजन के दौरान गांव में श्रद्धा, उत्साह और सामूहिक भागीदारी का वातावरण बना रहा। यह अनोखी परंपरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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