बीजापुर, 03 मार्च (आरएनएस)। मेहनत, सामूहिक प्रयास और शासन की योजनाओं का सही लाभ जब एक साथ जुड़ते हैं, तो सफलता की नई कहानी लिखी जाती है। बीजापुर विकासखण्ड के ग्राम नैमेड़ में संचालित कोसा बीज केन्द्र के हितग्राहियों ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है।
द्वितीय फसल में यहां के रेशम उत्पादकों ने 17 लाख 13 हजार 20 रुपये मूल्य का कोसा बेचकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। स्वयं सहायता समूह के 20 सदस्यों ने संगठित होकर कोसा उत्पादन किया और अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।
समूह के 11 सदस्यों ने 1 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी अर्जित की, जबकि शेष 9 सदस्यों ने लगभग 63 हजार रुपये की आय प्राप्त की। यह उपलब्धि न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि गांव में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी पेश कर रही है। समूह के अध्यक्ष जितेन्द्र कुडिय़म ने बताया कि इस फसल से उन्हें 1 लाख 36 हजार रुपये की कमाई हुई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष शासन द्वारा कोसा के मूल्य में वृद्धि किए जाने से उनकी आय में 40 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। इससे रेशम पालन के प्रति उनका उत्साह और बढ़ा है।
आज नैमेड़ का यह समूह अन्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणा बन चुका है। सामूहिकता, तकनीकी मार्गदर्शन और शासन की सहयोगात्मक नीतियों के बल पर रेशम उत्पादन गांव की आर्थिक तस्वीर बदल रहा है।
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