रुड़की 6 मार्च (आरएनएस)। मौसम में अचानक तापमान बढऩे से अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। इसका सीधा असर गेहूं की फसल पर पड़ रहा है। गर्मी के कारण गेहूं की नमी लगातार घट रही है। दाना पतला पडऩे से उत्पादन पर भी असर पडऩे की आशंका है। तापमान बढऩे के कारण किसानों को खेतों में अतिरिक्त सिंचाई करनी पड़ रही है। ऐसे में गेहूं की फसल की लागत बढ़ रही है और उत्पादन कम होने की आशंका लग रही है।किसानों के अनुसार पहले गेहूं की फसल में दो या तीन सिंचाई पर्याप्त रहती थी, लेकिन इस बार चार से पांच बार पानी देना पड़ रहा है। डीजल और बिजली का खर्च बढऩे से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं पछेती गेहूं में पौधों का विकास भी अपेक्षित रूप से नहीं हो पा रहा है और बालियां सामान्य आकार नहीं ले पा रही हैं।
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