जगदलपुर, 07 मार्च (आरएनएस)। महिला सशक्तिकरण और घरेलू हिंसा के विरुद्ध संघर्ष की दिशा में बस्तर जिले की महिला संरक्षण अधिकारी श्रीमती वीनू हिरवानी एक प्रेरणापुंज बनकर उभरी हैं। महिला सशक्तिकरण और घरेलू हिंसा के विरुद्ध संघर्ष के लिए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह में श्रीमती हिरवानी को सम्मानित भी किया गया। वर्ष 2014 से महिला एवं बाल विकास विभाग में अपनी सेवाएं दे रहीं श्रीमती हिरवानी ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के अंतर्गत पीडि़त महिलाओं को न केवल कानूनी सुरक्षा प्रदान की है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए संबल भी दिया है। उनकी शैक्षणिक योग्यता के तहत कॉमर्स में स्नातक सहित समाजशास्त्र एवं अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर के साथ-साथ विधि में स्नातक और जनसंचार व पत्रकारिता में डिप्लोमा शामिल है, जो उन्हें कानूनी और सामाजिक पेचीदगियों को समझने में दक्ष बनाती है। इसी दक्षता और सेवा भाव का परिणाम है कि वीनू हिरवानी ने ‘सखी वन स्टॉप सेंटरÓ के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए वहां आने वाली पीडि़त महिलाओं की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया है। घरेलू हिंसा के जटिल प्रकरणों को सुलझाने और महिलाओं को न्याय दिलाने के उनके इन्ही असाधारण प्रयासों को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा उन्हें 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के गरिमामयी अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। श्रीमती हिरवानी का यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह बस्तर जिले में महिला सुरक्षा और कल्याण के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।
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