0 मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से ही मिलती है कामयाबी
बिलासपुर, 07 मार्च (आरएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर एसईसीएल मुख्यालय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान और पद्मश्री व अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित क्रिकेटर मिताली राज ने मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होकर सफलता के अपने अनुभव साझा किए। विप्स (वीमेन इन पब्लिक सेक्टर) के तत्वावधान में एसईसीएल ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन तथा एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला और श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा शशि दुहन रहीं। इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार और मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन सहित श्रद्धा महिला मंडल की उपाध्यक्ष अनीता फ्रैंकलिन, इप्सिता दास, हसीना कुमार, विनीता जैन और शुभश्री महापात्र सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख और बड़ी संख्या में महिला अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित फायरसाइड चैट में मिताली राज ने अपने क्रिकेट करियर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफलता पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी तब महिला क्रिकेट के लिए परिस्थितियां आसान नहीं थीं, लेकिन मजबूत मानसिकता और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश ने उन्हें आगे बढऩे की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज महिला क्रिकेट ने लंबा सफर तय किया है और अब यह पुरुष क्रिकेट के समान पहचान और सम्मान प्राप्त कर रहा है।
मिताली राज ने युवाओं, खासकर महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को हासिल करने के लिए पूरी निष्ठा से मेहनत करें और किसी भी परिस्थिति में हार न मानें। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास जारी रहे तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।
मुख्य अतिथि हरीश दुहन ने अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुल रहे हैं और उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि एसईसीएल में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। कोल इंडिया की पहली पूर्णत: महिला संचालित डिस्पेंसरी, महिला संचालित सेंट्रल स्टोर यूनिट और सीएसआर के तहत ‘सुश्रुत योजनाÓ जैसे प्रयासों से महिलाओं को नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि इन पहलों को आगे बढ़ाते हुए एसईसीएल इस वर्ष ‘प्रोजेक्ट धराशक्तिÓ शुरू करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य भू-स्वामियों और आश्रितों के रूप में भर्ती होने वाली महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यदि एसईसीएल को देश की नंबर-वन कंपनी बनाना है तो नारीशक्ति की भागीदारी और योगदान अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण टाइम्स ऑफ इंडिया समाचार समूह के सहयोग से प्रकाशित एसईसीएल की महिला सशक्तिकरण पहलों पर आधारित विशेष परिशिष्ट का विमोचन रहा, जिसे अगले दिन टाइम्स ऑफ इंडिया समाचार पत्र के साथ वितरित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए महिला अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया।
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