लखनऊ,07 मार्च (आरएनएस) । उत्तर प्रदेश के आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने शनिवार को लखनऊ के डालीबाग स्थित गन्ना संस्थान में उच्च अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिला आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए कि चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अधिकतम राजस्व वसूली सुनिश्चित की जाए।बैठक के दौरान मंत्री ने पिछले एक वर्ष में कम राजस्व वसूली वाले 10 जनपदों—कानपुर नगर, आगरा, मेरठ, बिजनौर, लखनऊ, बुलंदशहर, हाथरस, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बरेली—के जिला आबकारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। साथ ही मदिरा और भांग की दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देने को भी कहा।
उन्होंने पड़ोसी राज्यों से आने वाली अवैध शराब, कच्ची, मिलावटी और चोरी की शराब पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके लिए शासन स्तर से निगरानी बढ़ाने तथा जिलों की प्रवर्तन टीमों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए, ताकि राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कहीं भी शराब की ओवररेटिंग, औद्योगिक इकाइयों के संचालन में बाधा उत्पन्न करने या उन्हें प्रताडि़त करने की शिकायत मिलने पर संबंधित जिला आबकारी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिजनौर जिले में मदिरा इंडस्ट्री के खिलाफ की गई कथित गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई के मामले में वहां के जिला आबकारी अधिकारी के कार्यों की जांच कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश के विकास को गति देने के लिए सभी अधिकारियों को पूरी ईमानदारी, मेहनत और पारदर्शिता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि वैट और जीएसटी के बाद आबकारी विभाग प्रदेश के लिए सबसे बड़ा राजस्व स्रोत है। पिछले आठ वर्षों में विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है और आज अन्य राज्य भी उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति का अनुसरण कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य 63,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिसमें फरवरी माह तक 50,585 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि में प्राप्त 42,828.57 करोड़ रुपये की तुलना में 7,756.36 करोड़ रुपये अधिक है, जो 118.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।इसी प्रकार फरवरी 2026 में 6,635.79 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष फरवरी में प्राप्त 4,928.22 करोड़ रुपये की तुलना में 1,707.57 करोड़ रुपये अधिक है। इसके साथ ही विभाग द्वारा फरवरी माह में 2,76,438 लीटर अवैध शराब भी बरामद की गई और अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई।बैठक में अपर मुख्य सचिव आबकारी वीना कुमारी मीणा, आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह, विशेष सचिव अभिषेक आनंद सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी जिला आबकारी अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।
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