लखनऊ,07 मार्च (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत जनपदों में मनरेगा कन्वर्जेन्स तथा पट्टाधारकों द्वारा स्वयं अथवा अन्य विभागों के माध्यम से सुधारे गए ग्राम सभा के पट्टे के तालाबों में प्रथम वर्ष निवेश तथा मत्स्य बीज बैंक की स्थापना के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2 करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।इस संबंध में मत्स्य विभाग द्वारा आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश में महानिदेशक, मत्स्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण एवं व्यय अनुमोदित कार्ययोजना के अनुरूप तथा योजना के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों, गाइडलाइन्स और प्रासंगिक नियमों के अनुसार किया जाए।इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि व्यय का पूरा विवरण और उपयोगिता प्रमाण पत्र समयबद्ध रूप से शासन को उपलब्ध कराया जाएगा। शासनादेश में यह भी कहा गया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल उन्हीं मदों पर किया जाएगा, जिनके लिए यह राशि निर्धारित की गई है।सरकार का मानना है कि ग्राम सभा के तालाबों के विकास और मत्स्य बीज बैंक की स्थापना से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से राज्य में मत्स्य पालन को संगठित और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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