लखनऊ/कौशाम्बी ,07 मार्च (आरएनएस) । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को जनपद कौशाम्बी के सयारा स्थित बाबू सिंह डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित सरस मेला एवं सरस महोत्सव कार्यक्रम का फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, कपड़े तथा अन्य घरेलू उत्पादों की प्रदर्शनी और स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने समूह की महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में अपार प्रतिभा है और सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग कर रही है। उन्होंने समूह की महिलाओं को उत्कृष्ट उत्पाद तैयार करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आगामी दिनों में जनपद में 10 दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के सरस मेले का आयोजन भी किया जाएगा। इसके साथ ही महिलाओं के समूहों की कंपनियां बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे हजारों महिलाओं को कपड़ा, राशन और मसाले की फैक्ट्री चलाने का अवसर मिलेगा।उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर हाल में समूह की महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में स्वयं सहायता समूह की छह करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का संकल्प लिया है, वहीं प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को इस अभियान से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशाम्बी जनपद में लगभग एक लाख 54 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं और प्रदेश में तीन करोड़ महिलाओं को इस अभियान से जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कार्यों के लिए सरकार 35 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान कर रही है तथा सोलर संयंत्र लगाने पर महिलाओं को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत है और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। अगले छह महीनों में स्वयं सहायता समूहों की शक्ति को तीन गुना तक बढ़ाया जाएगा और अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ा जाएगा। समूह की महिलाओं के लिए डेयरी और मसाले की फैक्ट्रियां स्थापित करने के साथ उनके उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग कर उन्हें देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।उप मुख्यमंत्री ने बताया कि कौशाम्बी जनपद में अब तक 11,863 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिनसे 1 लाख 30 हजार 493 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इनमें से 6,155 समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में 18 करोड़ 46 लाख रुपये और 5,021 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के रूप में 75 करोड़ 31 लाख 50 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं। जनपद में अब तक 10,864 महिलाएं लखपति बन चुकी हैं, जबकि लगभग एक लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ पुष्पवर्षा कर फूलों की होली भी खेली और सभी को होली की शुभकामनाएं दीं। इससे कार्यक्रम स्थल का वातावरण रंग, उमंग और उत्साह से भर गया।इस मौके पर ग्राम मिर्जापुर जवई की निवासी स्वयं सहायता समूह की सदस्य सरिता ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समूह से जुडऩे के बाद उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा और स्वयं चलाती हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देती हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है।कार्यक्रम में विधायक चायल पूजा पाल, जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के सदस्य जितेन्द्र कुमार, अवधेश गुप्ता, नगर पालिका परिषद मंझनपुर के अध्यक्ष वीरेन्द्र फौजी, भरवारी की अध्यक्ष कविता पासी, नगर पंचायत सिराथू के अध्यक्ष भोला यादव, अजुहा की अध्यक्ष शांति देवी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।इसके अलावा जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल, पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
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