विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों ने स्टॉल, क्षमता-विकास सत्रों और डिजिटल बाज़ार जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से खरीदारों, विशेषज्ञों और अधिकारियों से किया संवाद
हिसार , 08 मार्च (आरएनएस)। हिसार के अग्रसेन भवन में आयोजित तीन दिवसीय पीएम विश्वकर्मा प्रदर्शनी-सह-ट्रेड फेयर शनिवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। इस आयोजन में पारंपरिक कारीगरों, सरकारी अधिकारियों और बाज़ार विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) की पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें बेहतर बाज़ार उपलब्ध कराना था। एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, भिवानी द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में करीब 50 स्टॉल लगाए गए, जिनमें विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इनमें मिट्टी के बर्तन बनाना, सिलाई, मोची का काम, राजमिस्त्री कार्य, स्वर्णकारी, माला निर्माण और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद शामिल रहे। 6 मार्च से 8 मार्च तक चले इस मेले ने कारीगरों को ग्राहकों और संस्थागत खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर दिया, साथ ही उन्हें आधुनिक विपणन तरीकों की जानकारी भी मिली। इस आयोजन में सहयोग के लिए रोहतक स्थित कंपनी एडीकेमेकर्स को भी सम्मानित किया गया। कंपनी के निदेशक राहुल ढींगरा के अनुसार, मेले के दौरान कारीगरों को संभावित खरीदारों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें ब्रांडिंग, लेबलिंग और उत्पाद की गुणवत्ता में निरंतरता बनाए रखने का प्रशिक्षण भी दिया गया। यह प्रदर्शनी सरकार की 13,000 करोड़ रुपये की पीएम विश्वकर्मा पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को कौशल विकास, ऋण सहायता, टूलकिट और बेहतर बाज़ार उपलब्ध कराकर उनके व्यवसाय को सशक्त बनाना है।
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